0
पानी के लिये होगा भारत -पाकिस्तान के बीच तीसरा युद्ध
कहते है कि पानी रे पानी तेरा रंग कैसा ,लेकिन यह पानी अगर सियासत के रंग में रंग जाय तो क्या कहने . आतंकवाद के मामले को लेकर पानी पानी हुआ पाकिस्तान ने एक बार फिर पानी को लेकर अपने जेहादिओं को आगे किया है .पिछले दिनों लश्करे तोइबा के सरगना
Mar 21 2010 03:15 PM



पन्चवाध्यम Kuddiyattam -कपिला वेणु राजशेखर मंसूर-गायक उस्ताद शाहिज़ परवेज-सितार उस्ताद अब्दुल्ल राशिद खान-१०० सालाना उम्र के गायक पंडित बिरजू महाराज और शाश्वती सेन जी-कथक गुरु स्पिक मैके के प्रणेता
(sansadji.com सांसदजी डॉट कॉम)बागी तेवर में समाजवादी पार्टी से अलग हुए राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने मुलायम सिंह यादव के लोहियावादी होने पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी मात्र एक परिवार की पार्टी बनकर रह गई है। पढ़िए अविकल रूप से मुलायम
नवम्बर 2009 के यूनिकवि रवीन्द्र शर्मा 'रवि' ग़ज़ल-प्रेमी पाठकों की पहली पसंद हैं। इनके ग़ज़लें पाठकों और निर्णायकों का ध्यान एक साथ खींचतीं हैं। फरवरी 2010 की यूनिकवि प्रतियोगिता में इनकी एक ग़जल ने आठवाँ स्थान बनाया।पुरस्कृत कवितावो राह कोई और सफ़र और
चलो तुमको यकीं तो हुआ कि मैं इसमें तनहा मुजरिम नहीं थीकुछ हालत थे कुछ मजबूरी थी बेवफाई मेरी फितरत में शामिल नहीं थी चाहती तो पहले भी बता सकती थी तुम्हे अपनी मजबूरी कि भी लम्बी कहानी थी पर तब शायद तुमको यकीं नहीं आता मेरी बेगुनाही ज़माने पर ज़ाहिर नहीं थी
21 मार्च 2010 को रायपुर, छत्तीसगढ़ से प्रकाशित दैनिक, आज की जनधारा में 'ब्लॉग कोना' अंतर्गत अपना घर पर आभा बता रहीं कि सीता नहीं मैं
इस कहावत का अर्थ है -“ एक पीढ़ी के धरोहर अगली पीढ़ी के लिए बेकार होते हैं या कहें कि अगली पीढ़ी के लिए वे बहुत ज्यादा मायने नहीं रखते हैं.” सास के लिए जो ओढना बहुत महत्वपूर्ण है, दिल के करीब है, अजीज है....वो पतोहू के लिए नाक पोछने योग्य ही माना
चोट ताज़ा है अभी , थोडा मुस्कुराने दो !वकत लगेगा अभी ,दर्दे दिल सुनाने को !गुमा नहीं था, इस कदर चोट खायेंगे ,ठगे से रह गए , बस तिलमिलाने को !लम्हें चुनने दो , ख्यालों के खंज़र से ,लुटे हैं कितने , हिसाब तो लगाने दो !जितने चाहो , किस्से बुनते रहना ,सच
पिछली पहेली भी पहले की कई ऐसी पहेलियों में से है जब पहेली पूछने वाले को विजेता के चयन करने में बड़ी असमंजस का सामना करना पड़ता है -अब वो ज़माना नहीं रहा कि हनुमान से कहा गया संजीवनी बूटी को लाने के लिए और वे पूरा धौलागिरी पर्वत ही उठा
दोस्तों बरेली में पिछले तकरीबन २ हफ्तों से दंगे फ़साद चालू है और हैरत की बात है कि देश के मीडिया में बजाए इन संप्रादाईक दंगों को कवर करने के बजाए आई पी एल की खबरें और स्वयंभू साधु सन्यासियों के 'कथित' सेक्स टेप दिखाए जा रहें है. यह कोई पहला मौका नहीं है
अगर कोई गलत खबर न्यूज चैनल पर चल जाए तो क्या हो सकता है? शायद आपका जवाब हो कि, गलत खबर चलने पर न्यूज चैनल पर मानहानि का केस किया जा सकता है। लेकिन कोई व्यक्ति गरीब हो, असहाय हो, और उसके बाद न्यूज चैनल पर गलत खबर चलने के बाद आसपास के लोग उसे ‘बलात्कारी और
सुप्रीमकोर्ट के चीफ जस्टिस के.जी. बालकृष्णन ने आज यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि न्यायिक सुधार को लेकर सरकार गंभीर है और इसके लिए 5 हजार करोड़ रूपए खर्च कर रही है। जिसके तहत फास्ट ट्रेक कोर्ट की स्थापना 4 हजार गांव में ग्राम न्यायालय खोलना शामिल
अरूण शोरी पर नज़रें तरेरीं आडवाणी नेअपने यस मेन्स को टीम गडकरी में फिट करने के बाद अब निशाने पर शौरीकांग्रेस से पींगे बढाने में लगे हैं शौरी(लिमटी खरे) नई दिल्ली 21 मार्च। संघ की मंशा पर भले ही अपेक्षाकृत युवा नितिन गडकरी को भाजपा की कमान मिल गई हो,
">भाग-१, भाग-२, भाग-३, भाग-४, भाग-५ से आगे ..........." आगे क्या बात हुई , मैं तो सुन ही नहीं सका और लड़खड़ा कर गिर पड़ा | जब होश में जागृत हुआ तो दोनों मुझ पर झुके हुए थे | महाराणा की एक कातर पंक्ति मुझे अभी तक याद है - " विधाता ! तुमने मुझसे क्या नहीं
ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के चुनाव में महिलाओं की भागीदारी पांच से बढ़ाकर लगभग 12 प्रतिशत कर दी गयी।चलो कहीं तो कुछ भागीदारी का प्रतिशत बढ़ा।महिलाओं की इस भागीदारी पर थोड़े देर के लिए खुश होकर उसे यूं ही ना छोड़ दे।बल्कि अपने हक और बेहतरी की दिशा
हाथ में रोटी का टुकड़ा .................... शहर के चोराहे के पास कचरे का ढ़ेर पड़ा था। उसी ढ़ेर पर बसी खाने का सामान भी बिखरा था, ३-४ गरीब बच्चे और बूढ़े खाने के सामान पर अपना हाथ साफ कर रहे थे , बासी खाने में से अपने खाने लायक खाना ढूंढते हुए एक बच्चा
भारतीय भाषाओं में ऐसे कवि कम ही हुए हैं, जिन्हे अखिल भारतीय स्तर पर साहित्य और आम जनता के बीच खासी लोकप्रियता हासिल हो। विंदा करंदीकर ऐसे ही विरल रचनाकार थे, जिन्हें मराठी के अलावा हिंदी, अंग्रेजी और समस्त भारतीय भाषाओं में बेहद सम्मान मिला। विंदा के इस
0 घंसोर को झुलसाने की तैयारी पूरी - - - (5) अधोसंरचना विकास में भी भांजी मारी झाबुआ पावर ने चार साल में एक फीसदी से भी कम राशि का किया प्रावधान आदिवासियों के हितों पर हो रहा कुठाराघात प्रदेश सरकार को कितनी मिलेगी रायल्टी! (लिमटी खरे) नई दिल्ली 20 मार्च।
0 घंसोर को झुलसाने की तैयारी पूरी - - - (5) अधोसंरचना विकास में भी भांजी मारी झाबुआ पावर ने चार साल में एक फीसदी से भी कम राशि का किया प्रावधान आदिवासियों के हितों पर हो रहा कुठाराघात प्रदेश सरकार को कितनी मिलेगी रायल्टी! (लिमटी खरे) नई दिल्ली 20 मार्च।
रांची का दशम फॉल हर चार महीने पर दो-चार लोगों को मौत के आगोश में लिटा देता है। कई जगहें-घटनाएं ऐसी होती हैं, जो अपने साथ मनहूसियत का ऐसा साया लेकर चलती हैं कि वह कहानी हर घटना के बाद सुनायी जाती है। सुना था कि टाइटेनिक जहाज के डूबने के बाद जिंदा बच गये
जन्म होने की खुशीऔर मौत का रंजये तो दस्तूर है पुरानामुक्त होगे कब हमइन आदतो और इच्छाओसे जकडे पिंजरो की जंजीरो सेआजादी की डोर है पास अपनेफिर भी बन अंजान यूहीकब तक ढोयेगे इन जंजीरो कोहुआ है मुश्किल हाय क्या करे !निकलता है जब गम नयासुख भी जाता है छिपबादल की
पहला खण्डआदिवासी ने तीर क्यों चलाया?आदिवासी ने तीर चलायाहवा में पसर गया एक वक्तव्यआखिर आदिवासी ने तीर क्यों चलाया?ट्रैक्टर के ड्राइवर को ही निशाना क्यों बनाया ?ड्राइवर था सर्वहारा किसान का ही बेटातीर-सा एक प्रश्न उठावक्तव्य से टकराया उठा एक
एक मुअम्मा है समझने का समझाने का जिंदगी कहे को है ख्वाब है diwane का जिंदगी bhi to pasheman है yanha lake mujhe dhurhti है koi hila mere mar jane का tune dekha kabhi ghar को badalate huye rang aao dekho n tamasha mere gam khane का ab ise dar par le jake
क्या आत्महत्या ही सारी समस्याओं का हल है?ये सवाल मेरे अकेले का नही है और ये अचानक़ ही मेरे दिल-दिमाग में उथल-पुथल नही मचा रहा है।पिछले कुछ दिनों से इस सवाल ने मुझे बैचैन कर दिया है।आखिर आत्महत्या से सारी समस्यायें खत्म कैसे हो सकती है?मेरे हिसाब से तो
लव,सेक्स और धोखा। पूरी फिल्म में कैमरा वैसे ही देखता है जैसे हमारे समाज में मर्दों की नज़र मौका देखकर लड़कियों को देखती है। इस नज़र को बनाने में कई तरह की परिस्थितियां सहायक होती हैं। कैमरा अलग-अलग एंगल से अपनी नायिकाओं को तंग नज़रों की ऐसी गहराई में
प्रेरणा - उल्के, ओम आर्य डरो नहीं - प्रेम जीवित रहेगा। मृत्यु के बाद भी।बिछड़ने के बाद भी।तारे के उल्का हो जाने के बाद भी। चाँद तारों के पार प्रेम जीवित रहेगा -मैं मैं न रहूँगावह वह न रहेगी।..बहुत दिनों बाद जब याद करेंगेप्रेम फैलेगा मुलायम चाँदनी
जिस बात की आशंका शुरू से जताई जा रही थी वह सत्य निकली, आखिर डेविड हैडली ने अमेरिकी कोर्ट मे अपराध की स्वीकारोक्ति कर लिया है । अब जैसा भारतीय समाचार माध्यम बता रहे हैं उनसे दो तीन पहलू उभर कर आ रहे हैं ।पहला यह बात पूरी तरह से साफ़ हो गयी है कि डेविड
मेरी इससे पहले की पोस्ट, जो बहुत लम्बी हो गयी;और ब्लोगवाणी और चिट्ठाजगत की सूचि में नहीं आ पा रही। (अगर यह ज्ञान किसी गोरी चमड़ी वाले को मिला होता तो ये उसके नौकर तक के चरणामृत घोल के पी जाते........) पूरा पढ़ें इससे पहले की पोस्ट में मुझे लिंक बनाना नहीं
अगर आप एक से ज्यादा ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग करते हैं तो ये एक ऑपरेटिंग सिस्टम से दुसरे में जाना आसान कर देगा । बस एक क्लिक से आप अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग कर पायेंगे ।ये आपके टास्क बार में रहेगा और आपको चुनने कि सुविधा देता है कि आप अगली बार जब
चारों तरफ धूप फैलती जा रही है......गर्मी का साम्राज्य सब दिशाओं को अपनी आगोश में लेता जा रहा है ...और अमीर लोगों के घरों में कूलरों,ए.सी.और सबको ठंडक पहुँचाने के अन्य साधन सर्र-सरर र....की आवाजें करते धड़ल्ले से चलने लगें हैं...जहां तक इनकी हवा जाती है
Shuffle



























