दिमाग पर स्पेस का संकट
कल अनवरत और आज तीसरा खंबा की पोस्टें नहीं हुई। मैं सोचता रहा कि ऐसा क्यों हुआ? एक तो पिछले सप्ताह बच्चे घर पर थे। सोमवार को वे चले गए। बेटी अपनी नौकरी पर और बेटा नौकरी के शिकार पर। उस का लक्ष्य है कि अच्छा शिकार मिले। पिछले चार माह से जंगल (बंगलूरू) में
Mar 12 2010 11:45 PM



बादलों के रथ पर बैठ जा ग्रहों को बना ले अपना घर, हाथ सेंक सूरज की तपस सेप्यास बुझा समुन्द्र के जल से...गति में पछाड़ दे मन को इच्छा को बाँट दे दान में, चन्दन का लेप लगा लोभ पर विजय श्री कहला क्रोध का.... दौड़ कर पकड़ ले सोंच
मंगोलिया से हर वर्ष भारत में आने वाले दुर्लभ राजहंस (बार हेड़ेड़ गीज) को जाल बिछाकर पकड़कर उसे 200 से 300 रुपए में बेचे जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आय है। चन्द्रपुर और वर्धा के पक्षी मित्रों ने अपने स्तर का स्टिंग आपरेशन करते हुए दुर्लभ प्रजाति के
१९७७ में देश मुखर्जी के निर्देशन में आयी थी 'ईमान धरम' ।हैरत की बात है कि लीड-एक्टर अमिताभ बच्चन ने इसे खुद अपनी सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिना है मग़र आज इसे लोग भूल चुके हैं .....शायद अपने ईमान और धरम की ही तरह । अब बताइये ये भी कोई बात हुई हैं ! मेरा
उफ एक बुरी खबर उनके लिये जो फेसबुक पर अपने दिल की बात कहकर जी हल्का कर लेने में भरोसा करते हैं। जो ये सोचते हैं कि दिल में उठे भावनाओं के तूफान को शब्दों के लबादे में लिपटाकर दुनिया को बता ही दिया जाय ताकि कुछ लोग जो इस हाले दिल से इत्तेफाक रखते हैं अपनी
कभी कमी कोई आयी न इन ख़ज़ानों में।के दौलतें हैं बहोत इश्क़ के फ़सानों में ॥मैं ख़िरमनों की तबाही का ज़िक्र क्या करता,ये बात ग़र्म बहोत थी कल आसमानों में॥हवाएं करतीं मदद किस तरह सफ़ीनों की, जगह जगह पे थे सूराख़ बादबानों में॥हरेक की क़ीमतें चस्पाँ हैं उसके
प्रणब बोलेः नहीं घटेंगी पेट्रोलियम कीमतें, विपक्ष का बहिष्कार..............लोकसभा में 2010-11 का विनियोग विधेयक ध्वनिमत से पारित............सपा सांसदों ने सभापति से माफी मांगी ? राजद सांसद अड़े!.................महंगाई के खिलाफ जंतर-मंतर से सरकार को ‘लाल
शाशिभूषणतामड़े उवाच; दोस्तों, एक दफा तो कोइ भी बुरे-से-बुरे करतब की तोड़ दुनिया में खोजे तो मिल जाए गी परन्तु एक नामाकूल बेहूदी बिमारी है बाबाशिर जो एक दफा किसी के गले पड़ जाए तो समझे नसीब ही फूट गए उस निरीह प्राणी के / ये मर्ज उस लूसडे की मानिद है
शेखपुरा.जिला मुख्यालय के आर डी कॉलेज चौराहा के पास स्थानीय लोगों के द्वारा सड़क की जमीन का अतिक्रमण कर बनाए जा रहे मन्दिर को प्रशासन द्वारा हटाये जाने के विरोध में कई दुकानों में आग लगा दी गई। घटना में चाय की दुकानएकिरान दुकान सहित करीब आधा दर्जन
भुलाए न भूले , सदियों पुराने , याद आ रहे है बीते ज़माने ||कभी वेद विद्या की शक्ति से था जीताकभी ज्ञान ध्यान और भक्ति से भी जीताकभी जग को जीता सुशासन के द्वाराप्रलय से ना डूबा हमारा सिताराबिना पंख ऊँची उड़ान भरी थी उड़ाने || याद आ ........दुखी जन के खातिर
Disclaimer: This video is funny but uses some profanity. Use your discretion.Breaking News: Some Bullshit Happening Somewhere
चंदा मांगना हमारी गौरवशाली परंपरा है । कई महापुरुषों ने बहुजन हिताय चंदा मांगा है। ब्राह्मणों का तो इस पर एकाधिकार रहा है । सौभाग्य से मैं भी ब्राह्मण हूं सो अपनी पुष्ट कुल पंरपरा को कैसे त्यागता ? चंदे पर मेरा ऐसे ही विश्वास है जैसे अमेरिका का पाक पर ।
अमेरिका में एक गोरी महिला पर आनलाईन आतंकवादी भर्ती करने का मुकदमा दर्ज हुआ है। बताया गया है कि वह लोगों को मीठी बातों में फंसाकर अपने जाल में फंसाती थी। दुनियां भर के गरीबों का भला करने की बात करती थी! भर्ती करने वालों को धन का प्रलोभन भी देती थी! वगैरह
यह जीवन है एक भार प्रिये। थी तृषा जगी मन में मेरे,औ' प्यास कहाँ बुझ पाती है,जल की चाहत में भटक रहा,मन पाता है अंगार प्रिये।यह जीवन है एक भार प्रिये।जो दूर कहकशां सा दिखा, तो मन मयूर सा नाच उठा,पर पास जो जाकर देखा तो,पाया मरू का सा सार प्रिये।यह जीवन है
सूत्रों के अनुसार समाजवादी पार्टी के चार निलंबित सांसदोंने सभापति से कथित रूप से माफी मांग ली है, लेकिनराजद के तीन सांसद अभी भी अपनी बात पर अड़े हुए हैं।महिला आरक्षण विधेयक पर उच्च सदन राज्यसभा में हंगामा करने पर निलंबित हुए समाजवादी पार्टी और राजदके सात
हाय! ये आह एक हमारी नहीं, हर उस व्यक्ति की है जो बाजार के कुअवसरों से दो-चार होता है। बाजार का नजारा और इस नजारे के बीच सामानों के दामों का आसमान पर चढ़े होना। बहुत प्रयास किया गया हमारे वित्त-मंत्री जी की ओर से किन्तु सामानों के दाम हैं कि नीचे आने को
इस बार की किटी पार्टी मूंग की दाल के घर थी । सुबह से ही वो तैयारियों में लगी हुयी थी । तरह-तरह के पकवान बन रहे थे । मूंग की दाल की पकौड़ी, मूंग की दाल का हलवा ,मूंग की बर्फी आदि । मूंग का मानना था कि ऐसा करके वो अन्य सहेलियों की छाती पर मूंग दल पाएगी ।
बिहार में विधान सभा का चुनाव इसी साल होना है। महिला आरक्षण एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बन जाए तो यह कोई अजूबी बात नहीं होगी। महिला आरक्षण के मौजूदा स्वरूप के सबसे बड़े विरोधी नेताआंें में से एक नेता लालू प्रसाद इसी प्रदेश से हैं। विधान सभा चुनाव में मतदाता
‘‘आज आपका पहला काम यह है कि इस पैकेट को साफ्ट प्रो कंपनी को पहुंचाना है। मैं उसका पता समझा देता हूं।’’ मि0 भटनागर ने राहुल को पैकेट की ओर संकेत किया जो सामने मेज पर रखा हुआ था। उसका साइज उतना ही था जितना एक मोटे उपन्यास का होता है।फिर वह विस्तार से राहुल
कोयलकोयल हूँ मैं कोयल हूँ ,काली रंग की मैं कोयल हूँ....कौवा को बेकूप बनती हूँ,और कौवा बेकूप बन जाता हैं ....मैं अपना अंडा कौवा के,घोसले में रख देती हूँ....और कौवा मेरा अंडा सेता हैं,और मेरे बच्चे को पाल लेता हैं....जब मेरा बच्चा थोड़ा सा बड़ा हो जाता
धिक्कार है कोलकाता नाइट राइडर्स पर...। आईपीएल सीज़न 3 का मुझे बेसब्री से इंतज़ार था...। अपनी पसंदीदा टीम कोलकाता नाइट राइडर्स का मैच देखने के लिए कितना बेचैन था मैं...। मुझे उम्मीद थी कि इस बार नाइट राइडर्स पिछले साल के सभी कटु अनुभवों को भुलाते हुए
आने वाले समय में अगर सब कुछ सही रहा तो लोगों को कोर्ट से तारीख पर तारीख नहीं लेनी पड़ेगी। उन्हें जल्द ही न्याय मिलेगा। दरअसल, कानून मंत्रालय ने एक ऐसा बिल तैयार किया है जिसके अंतर्गत जजों को किसी भी मामले में बहस पूरी होने के तीन महीने के अंदर अपना
एलेन क्लिमोव की 1965 की फ़िल्म का गाना है, नोवेल्ला मात्वेयेवा का लिखा और गाया, फ़िल्म देखते हुए उत्साहित हो रहा था, उसी उत्साह को यहां चेंप रहा हूं..
"चर्चा मंच" अंक-86 चर्चाकारः डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" "चर्चा मंच" के माध्यम से जनहित का कार्य जारी है! आप आयें या न आयें क्या अन्तर पड़ता है? अब तो यह कार्य चर्या में शामिल हो गया है! आइए देखिए- आज की हिन्दी ब्लॉगिस्तान की गतिविधियों को- निवेदन यह है
कांति और नुपुर , बिल्कुल उस तरह से थी जैसे कि, दो बहने हों । उनकी ये दोस्ती कितनी पुरानी थी इस बात से ज्यादा ये बात जानने में मज़ा आ सकता है कि उनकी दोस्ती कैसे हुई। दरअसल ये उनके कोल्लेज के दिनों की बात थी, दोनों एक ही बस में चढ़ कर एक ही कालेज और एक ही
कल तक, पाकिस्तान के पास ले दे कर दो ही चीजें थीं जिसके भरोसे ये गंजे बच्चों की मानिंद उछल-उछल कर दुनिया को अपना बचकाना सा मुंह दिखाता आया है. पहला है परमाणु बम्ब व दूसरे, हाकी-क्रिकेट का खेल.क्रिकेटरों को कल इसने हड़का के बर्ख़ास्त कर दिया, आज हाकी की
यह मेरी भाषा नहीं है, लेकिन पिछले दिनों हुई एक घटना के बाद न जाने क्यों यह लगने लगा है कि यह सही भाषा है। अखबार के बाद इधर ब्लाग के मेरे थोड़े बहुत जो भी पाठक है वे यह सोच सकते हैं कि आखिरकार ऐसा कौन सा कारण है जिस वजह से मुझे लिखना पड़ रहा है कि मुकाबला
मानवीय प्रकृति पर बहुत कुछ कहा और लिखा गया है ,लोग बहुत कुछ कहना चाहते हैं...कहते भी हैं..परन्तु मुझे लगता है कि ,इस पर जितना भी लिखा या कहा जाये कभी पूरा नहीं हो सकता . तो चलिए थोडा कुछ मैं भी कह देती हूँ अपनी तरफ से.ये एक मानवीय प्रकृति है कि हमें जिस
अखंड कश्मीर की चर्चा फिर ज़ोरों पर है. इस मुद्दे पर काफी कुछ कहा जा चुका है. हालांकि कश्मीर हिन्दू फाऊंडेशन भी इस मामले को लेकर अपनी सरगर्मियां चला रही है पर अब नया मोर्चा सम्भाला है अखंड कश्मीर नामक संगठन ने. अब इस सम्बन्ध में चर्च हो रही है कोलकाता में
आज विश्व समाज जिस दो राहे पर खड़ा है उसमें दो ही खेमे स्पष्ट दिख रहे हैं। पहला वो जो किसी भी कारण से किसी ना किसी विध्वंसकारी घटना, प्रतिघटना, संघर्ष, आदि में लिप्त है । दूसरा वो जो विश्व के सभी अच्छे बुरे घटनाक्रमों , उतार चढाव , राजनितिक, सामाजिक और
क्या गायत्री नाम की सचमुच कोई देवी है ? क्या वेद नाम का कोई बच्चा सचमुच उससे कभी पैदा हुआ था ? वेद माता कहलाने का गौरव इस अकेले मन्त्र को ही क्यों मिला ? वेद न केवल भारत के बल्कि विश्व के प्राचीनतम ग्रन्थों में से एक हैं ।उनमें हज़ारों मन्त्र हैं । उनमें
जबसे ब्लागजगत की दहलीज पर मैंने कदम रखा है आलम यह है की लोग मिलते रहे और कारवां बढ़ता गया की तर्ज पर ब्लागरो से मेल मुलाकात बढ़ती गई और यहाँ ब्लॉग पर उंगलियाँ चलती रही और ब्लॉग पर पोस्टे बढ़ती गई और आज स्थिति यह है की आप सभी से मिल रहे निरन्तर प्यार
अभी भी वक्त है मुसलिम आतंकवादियों के कुकर्मों को छुपाने के लिए गाली गलौच की भाषा का प्रयोग न करो।धर्म से हमारा कोई बासता नहीं लेकिन उन हिन्दूओं का तो ख्याल रखो जो हर वक्त मुसलिम आतंकवादियों का बचाब करने के लिए आपके साथ कड़े होते हैं और बदले में
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