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भदेस भारत

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18 Jun 2010
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अभी और होंगे बहुत से भोपाल

मैक्सिको की खाड़ी में ब्रिटिश पेट्रोलियम की तरफ से हुई तबाही और उस पर सख़्त अमेरिकी रुख़ के बाद कंपनी द्वारा चुस्ती से कार्रवाई करते हुए 20 अरब डॉलर का मुआवज़ा दिए जाने की घटना से भारतीयों के मन में क्षोभ है, गुस्सा है। अमेरिकी भेदभाव का गुस्सा। यूनियन
 
भुवन भास्कर
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Jun 18 2010 01:35 PM
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शहरों में पलते ज़हरीले नक्सलियों से निपटना भी ज़रूरी

नक्सलबाड़ी से पैदा हुआ आंदोलन बहुत पहले जनता से कट कर आतंकवाद की श्रेणी में पहुंच चुका है, लेकिन मेट्रो शहरों में रहने वाले अधिसंख्य वामपंथी इसे अब भी नक्सली आंदोलन कहने में ही फ़ख़्र महसूस करते हैं। मज़ेदार बात यह है कि ग़रीबों, मज़दूरों और किसानों की
 
भुवन भास्कर
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जब ग़रीबी और पिछड़ापन स्टेटस सिंबल बन जाए...

कल्पना कीजिए, निठारी की दर्दनाक हत्याओं के एक आरोपी कोली की मौत की सज़ा पर सबसे सर्द और मूर्खतापूर्ण प्रतिक्रिया क्या हो सकती है? मेरे ऑफिस के एक सहयोगी की प्रतिक्रिया से मुझे इस सवाल का जवाब मिला। उन्होंने कहा, 'ग़रीब था, इसलिए मौत की सज़ा मिल गई।' उनकी
 
भुवन भास्कर
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आम जनता की उम्मीदों से उदासीन 'आम आदमी का बजट'

वित्त वर्ष 2010-11 के लिए पेश बजट प्रस्तावों को 48 घंटे बीत चुके हैं। हर बार की तरह इस बार भी कुछ प्रस्तावों के राजनीतिक महत्व को देखते हुए सड़कों पर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और कुछ प्रस्ताव केवल अर्थवेत्ताओं में ही चर्चा का विषय बन सके हैं। जैसे कोई भी
 
भुवन भास्कर
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अंग्रेजी की इस उपेक्षा पर मैं खुश हूं लेकिन...

लेकिन यह एक सैडिस्ट एप्रोच है। कोई हमारा दुश्मन ही सही, उसकी उपेक्षा या दुर्दशा पर खुश होना तो हमारे व्यक्तित्व की एक बड़ी कमी है। फिर भाषा कोई भी हो, हमारी दुश्मन कैसे हो सकती है? अंग्रेजी हो या फ्रेंच, जर्मन हो या हिब्रू- सारी भाषाएं एक समाज विशेष, समय
 
भुवन भास्कर
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गरीब की लुगाई, धर्मनिरपेक्षता बेचारी

धर्मनिरपेक्षता तो भइया, जैसे गरीब की लुगाई हो गई है। अबला पांचाली के तो पांच ही पति थे, लेकिन इस धर्मनिपेक्षता के तो पचीस खसम उसे अपनी अंकशायिनी बनाने के लिए एक-दूसरे की गर्दन उतारने को तैयार हैं। अब धर्मनिरपेक्षता कनफ्यूज हो गई है। बिचारी को समझ ही
 
भुवन भास्कर
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मायावती और बराक ओबामा में कॉमन क्या है?

अमेरिका में बराक ओबामा की जीत ऐतिहासिक है। दुनिया के सबसे 'सभ्य' और 'सुसंस्कृत' समाज ने एक अश्वेत को देश के राष्ट्रपति का पद देने में पूरे 219 साल लगा दिए। किसी महिला को वहां तक पहुंचने के लिए शायद और कुछ दशकों का इंतजार करना पड़े। लेकिन जैसा कि हम भ
 
भुवन भास्कर
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यह कमजोर याददाश्त है या छिछली समझदारी?

राहुल गांधी यूं तो 545 सांसदों में से महज एक सांसद हैं, लेकिन देश की मीडिया और यहां का प्रशासन उन्हें भावी प्रधानमंत्री के तौर पर ही देखता है। मैं भी अपवाद नहीं हूं। राहुल बाबा जब कुछ बोलते हैं या करते हैं, तो मुझे तो यही लगता है कि एक ट्रेनी प्रधानम
 
भुवन भास्कर
Dec 29 2009 11:45 AM
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मराठा गृहमंत्री की इस मर्दानगी पर लाखों राहुल राज न्योछावर

महाराष्ट्र के कांग्रेसी नेता शिवराज पाटिल जैसे रीढ़विहीन गृहमंत्री को पांच साल से झेलते-झेलते हम भूल गए हैं कि यह एक ऐसा मंत्रालय है, जिसके ऊपर देश की आंतिरक सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है और इसलिए इसकी अगुवाई करने वाला नेता ऐसा होना चाहिए जो राज्य के
 
भुवन भास्कर
Dec 29 2009 11:45 AM
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ये तो अभी झांकी है...

असम में बोडो और बंगलादेशी घुसपैठियों के बीच दंगों में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 50 लोगों की मौत हो चुकी है। एक लाख से ज्यादा लोग बेघर होकर राहत शिविरों में पहुंच चुके हैं। मरने वालों में कोई गर्भवती महिला भी है और बेआसरा होने वालों में 1 दिन का एक शि
 
भुवन भास्कर
Dec 29 2009 11:45 AM
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'इस चैनल को तो बंद करा देना चाहिए'

लगता है जैसे किसी स्टिंग ऑपरेशन से त्रस्त एक भ्रष्ट नेता प्रेस की आजादी के खिलाफ अपनी भड़ास निकाल रहा है। जब भी ऐसा होता है, तो विश्वास मानिए कि हर पत्रकार को काफी खुशी होती है। लगता है पत्रकारिता जिंदा है। लगता है कि भ्रष्टों के बीच कलम का खौफ कायम
 
भुवन भास्कर
Dec 29 2009 11:45 AM
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लिब्रहान साहब की रिपोर्ट का इंतजार अब भी जारी है

तीन दिनों से हर तरफ लिब्रहान साहब छाए हुए हैं। स्वाभाविक भी है। 17 साल की मेहनत, करीब 4 दर्जन बार का एक्सटेंशन और करोड़ों रुपए की रकम लगाने के बाद आखिरकार उन्होंने इतना बड़ा खुलासा किया है कि बाबरी ढांचे का विध्वंस कोई औचक घटना नहीं थी, बल्कि आरएसएस
 
भुवन भास्कर
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अब रामनारायण का बेटा भी ज़िहाद करेगा

ये रामनारायण पाकिस्तानी की कहानी है। दो बेटियों का बाप। पत्नी जीवित तो है, लेकिन लापता है। मिलने की उम्मीद भी नहीं, क्योंकि अब उन दोनों के बीच केवल सैकड़ों मीलों की दूरियां ही नहीं, बल्कि हिन्दुस्थान और पाकिस्तान की सर्द, शुष्क सरहद भी है। उम्मीद अगर
 
भुवन भास्कर
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Sep 10 2009 01:37 PM
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इशरत और मोदी, दोनों निर्दोष क्यों नहीं हो सकते?

इशरत जहां और उसके तीन अन्य साथियों के मुठभेड़ पर चल रही बहस के दो आयाम हैं, पहला कि मुठभेड़ में मारे गए युवक और मुंबई के खालसा कॉलेज की लड़की आतंकवादी थे और दूसरा, कि नरेंद्र मोदी आदमखोर हैं (कांग्रेसी प्रवक्ता की भाषा में)। अब भारतीय राजनीति को
 
भुवन भास्कर
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Sep 09 2009 03:56 PM
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पाकिस्तानी झंडा लगाने वाले कैम्पस पर बुलडोजर चलवाइए

कल और आज में दो घटनाओं का खुलासा हुआ हैं। कल पता चला कि कुछ चीनी सैनिक लेह में भारतीय सीमाक्षेत्र में घुस कर चीनी भाषा में चीन लिख गए और आज पता चला है कि गुजरात के साणंद में हफ्तों से दो पाकिस्तानी झंडे लहरा रहे थे। दोपहर से सोच रहा हूं कुछ लिखूं। लेकिन
 
भुवन भास्कर
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Sep 07 2009 03:51 PM
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हे ईश्वर, इन गहलोतों को चिदंबरम की सद्बुद्धि दे

दिल्ली और दूसरे संघ शासित राज्यों में अब किसी भी टुच्चे नेता या अपराधी विधायक के लिए एक फोन कॉल पर एसएचओ या इंस्पेक्टर का तबादला करवा देने सरीखी धमकी शायद अब काम न आ सके। चिदंबरम ने पुलिस सुधार की दिशा में पहला कदम बढ़ाते हुए यह व्यवस्था कर दी है कि
 
भुवन भास्कर
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Sep 02 2009 11:43 AM
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भारत के 20-30 टुकड़े करने के चीनी सपने का तोड़

चीन के एक थिंक टैंक की चीन सरकार को सलाह है कि भारत के 20-30 टुकड़े कर देने चाहिए। उनकी यह सलाह एक अर्द्धसरकारी वेबसाइट पर प्रकाशित हुई है। हालांकि इस स्पष्टीकरण का कोई खास मतलब है नहीं, क्योंकि चीन में वैसे भी प्रकाशित या प्रसारित होने वाली हर राय
 
भुवन भास्कर
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Aug 12 2009 01:05 PM
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3 रुपए किलो चावल और 'अमेरिकी उपनिवेशवाद' का बौद्धिक जुमला

इन दोनों में किसमें ज्यादा वोट खींचने की ताकत है? इस सवाल का जवाब जितना आसान है, उतना ही आसान कांग्रेस की अगुवाई वाली मौजूदा सरकार की हाल की 'विदेश नीति के मोर्चे पर की गईं भयानक गलतियां' के पीछे के कारणों का जवाब ढूंढना है। पहले पाकिस्तान के साथ बातचीत
 
भुवन भास्कर
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Jul 22 2009 12:26 PM
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भाजपाई हार के चीथड़े बीनने की एक और कोशिश - 2

अब बात करें भाजपा के स्पेशियलाइज्ड सब्जेक्ट की- हिंदू राष्ट्रवाद। कई विश्लेषकों का मत है कि हिंदुत्व के मुद्दे में चुनाव जिताने की क्षमता नहीं है। हिंदुत्व का मुद्दा भारतीय जनता पार्टी को पूरे भारत की जनता का प्रतिनिधि बनने में बाधा है। ये वही विश्ले
 
भुवन भास्कर
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भाजपाई हार के चीथड़े बीनने की एक और कोशिश - 1

वीं लोकसभा चुनाव के परिणामों आए ठीक एक महीना बीत गया है। नतीजों का विश्लेषण अब भी जारी है। कुछ विश्लेषक राहुल गांधी के युवा नेतृत्व की जीत करार दे रहे हैं और कुछ आडवाणी के थके-बूढ़े नेतृत्व की हार। कुछ ने इसे विकासपरक राजनीति के एक नए दौर का आग़ाज़ क
 
भुवन भास्कर
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'डायन हिंदुत्व! इसे नंगा कर चौराहे पर घुमाओ'

भारतीय जनता पार्टी चुनाव क्या हारी, बेचारी हिंदुत्व पर तो मुसीबतों का पहाड़ ही टूट पड़ा है। उसे समझ ही नहीं आ रहा है कि उसका दोष क्या है। उसकी हालत उत्तर प्रदेश या बिहार में आए दिन होने वाली उन घटनाओं से समझा जा सकता है, जिनमें किसी एक दबंग जाति के क
 
भुवन भास्कर
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अब थोड़ी बहस विकास पर भी कर लें

पिछले साल जब विधानसभाओं चुनावों में राजस्थान और दिल्ली में कांग्रेस की और गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में भाजपा की जीत हुई थी, तब इसे भारतीय राजनीति में एक सकारात्मक अध्याय की शुरुआत करार दिया गया था। कहा गया था कि देश की राजनीति अब जा
 
भुवन भास्कर
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नेपाल में तैयार बन रही है गृह युद्ध की पृष्ठभूमि

कभी तिब्बत, भारत और चीन के बीच का बफर स्टेट हुआ करता था। नेहरू जी की अदूरदर्शी और आत्म केन्द्रित विदेश नीति के कारण आज वह चीन का हिस्सा बन चुका है। अब निशाने पर नेपाल है। नेपाल भी अब तक भारत और चीन के बीच एक बफर स्टेट का ही काम करता रहा है और 1962 के
 
भुवन भास्कर
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भारतीय विदेश नीति के द्वंद्व में हो सकते हैं घातक परिणाम

मेरे एक तमिल मित्र से जब मैंने यह पूछा कि श्रीलंका में चल रहे संघर्ष पर तमिलनाडु की आम जनता क्या सोचती है, तो मैंने यह सोचा था कि जवाब एक बड़े सैद्धांतिक आवरण के साथ डिप्लोमैटिक किस्म का होगा। लेकिन मेरे मित्र ने बहुत साफ कहा कि भले ही प्रभाकरन आतंकव
 
भुवन भास्कर
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वरुण गांधी पर रासुका : फिर जागा धर्मनिरपेक्षता का भूत

वरुण गांधी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगा दिया गया है। उन पर हत्या के प्रयास का भी मुकदमा किया गया है। इस देश के धर्मनिरपेक्षतावादी खुश हैं। इसलिए नहीं कि एक वर्ग या सम्प्रदाय विशेष के खिलाफ विष वमन करने वाले को सही जवाब दिया गया है, बल्कि इसलिए कि,
 
भुवन भास्कर
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वैलेंटाइन बाबा की पुण्यतिथि मनाने में बुरा क्या है?

वैलेंटाइन डे हमारे देश में हर साल पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण होता जा रहा है। दो कारक हैं जो इसके महत्व के लिए कैटेलिस्ट की भूमिका निभा रहे हैं। पहला, बाजार और दूसरा भारतीय संस्कृति के मर्म से अपरिचित संस्कृतिवादी। पहले की बात पहले की जाए। जितने भी लोग
 
भुवन भास्कर
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बोलो बेटा क्या बनोगे ....गांधी या मुतालिक?

टाइम्स ऑफ इंडिया में दिल्ली संस्करण के मास्टहेड पर आज दो कटआउट लगे हैं, जिनका कंट्रास्ट अद्भुत है। दाईं ओर महात्मा गांधी और बाईं ओर प्रमोद मुतालिक। मुझे पूरा विश्वास है कि इस लेख को पढ़ते समय किसी के भी मन में यह सवाल नहीं कौंधा होगा कि "कौन प्रमोद म
 
भुवन भास्कर
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श्रीलंका ने दिखाई है राह, चलना तो हमें ही होगा

आज से दो साल पहले यह कल्पना करना भी मुश्किल था कि श्रीलंका को कभी तमिल चीतों से मुक्ति मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय मान्यता के तौर पर भले ही श्रीलंका एक देश था, लेकिन सार्वभौम सत्ता की परिभाषा के आधार पर श्रीलंकाई सीमा क्षेत्र में दो देश चल रहे थे। एक
 
भुवन भास्कर
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इन कुसंस्कारियों से संस्कृति की रक्षा कीजिए

मैंगलोर में कुछ गुंडों ने एक पब में घुसकर जो कुकृत्य किया, उसकी केवल घोर निंदा काफी नहीं है। देश के एक महान राष्ट्रीय व्यक्तित्व के नाम पर सेना गठित कर निर्लज्जता और बेहूदगी का यह नाटक मेरे लिए या किसी भी भारतीय के लिए शर्म का नहीं, बल्कि आक्रोश का व
 
भुवन भास्कर
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मैं आभारी हूं मुशीरुल, अर्जुन, लालू और मुलायम का

फिर दिल्ली में एक बम फटा है। गिनती मायने नहीं रखती। और सच पूछिए तो अब राहत देती है। दो शनिवार पहले जब बम फटे तो राहत हुई कि चलो केवल पांच ही जगह फटे, 20 जगहों की तैयारी थी। यानी 15 जगहों पर तो बचे। आज फटा तो लगा कि एक ही फटा। फॉर ए चेंज। अब तो आदत हो
 
भुवन भास्कर