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चारोक्ति
1,हां मैं हारा हुआ हूंअब बताओ कैसे जीतोगे मुझसे? मगर सावधान रहना तुमजीत स्थाई नहीं होती। और न हार....।2,गुरुर के लायक होसबकुछ तो है तुम्हारे पास,इसलिये आंखे भी बन्द है,और मैं गुरबत में तुम्हे खुली आंखों से देख रहा हूं।3,सुना हैपुण्य भी कटते हैंचलो आज मैं
Jun 15 2010 11:03 PM


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