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अतिथि तुम कब जाओगे
फिल्म समीक्षाअतिथि, तुम तो आते रहनाधीरेन्द्र अस्थानाफिल्म का नाम भले ही ‘अतिथि तुम कब जाओगे‘ रखा गया है लेकिन इसका संदेश यही है कि अतिथि तुम आते रहना। हिंदी के प्रख्यात व्यंग्यकार स्वर्गीय शरद जोशी की व्यंग्य रचना ‘अतिथि तुम कब जाओगे‘ का न सिर्फ शीर्षक
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Mar 06 2010 03:57 PM


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