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लखनऊ ब्लॉगर एसोसिएशन

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10 Mar 2010
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आतंकवादी वनाम क्रांतिकारी

जिस तरह इराक में मुसलमानों द्वारा आक्रमणकारी इसाईयों के विरूद्ध की जाने वाला हिंसक प्रतिरोध आतंकवाद नहीं कहला सकता ठीक उसी तरह भारत में हिन्दूओं द्वारा आक्रमणकारी मुसलमानों और ईसाईयों के विरूद्ध किया जाने वाला हिंसक या अहिंसक विरोध आतंकवाद नहीं कहला
Mar 10 2010 06:43 PM
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लो क सं घ र्ष !: देश की अस्मिता पर भारी व्यवसायिकता

हाकी के जादूगर मेज़र ध्यानचंद कुंवर दिग्विजय सिंहदेश के राष्ट्रीय खेल की वर्तमान में क्या दशा है इसका आंकलन वर्तमान में देश की सरजमीं पर चल रही विश्व कप प्रतियोगिता से भली-भांति लगाया जा सकता है जब उसके सातवें स्थान पर आने की आशा पर हांकी संघ के पदाधिकारी
Mar 10 2010 05:36 PM
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ब्‍लागवाणी से हमें कोई शिकायत नहीं किसी को हो तो बताओ?

ब्‍लागाणी एक दो दिन से गडबड चल रही थी, हमें चिन्‍ता थी क्‍यूंकि अब यह हमारी भी वाणी है, हम सब की वाणी है, कल हमने इस पर एक पोस्‍ट की थी वह दिखायी नहीं दी, फिर भी कोई बात नहीं उस पर 2 वोट और 10 कमेंटस थे यह कमेंटस प्राप्‍त में में नहीं दिखा रही कोई बात
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जिसका बदन जितना अधिक दिखेगा उसे लोग उतना ही सुंदर व सेक्सी कहेंगे!!! (मिथिलेश दुबे तुस्सी ग्रेट हो!!!)

मिथिलेश ने उस लौ को और ज़्यादा प्रज्जवलित कर दिया है जिसे मैं पिछले एक साल से ब्लॉग जगत में रौशन करने की जद्दोजहद कर रहा हूँ, मिथिलेश और मुझे और ज़्यादा संबल मिला जो अरविन्द मिश्रा जी जैसे सम्मानित ब्लॉगर ने इसमें अपना अमूल्य समर्थन कर इस लौ को
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नाइजीरिया में मुसलमानों ने 500 ईसाईयों का कत्ल किया

लागोस। नाइजीरिया के जोंस शहर में रविवार को हुई सांप्रदायिक हिंसा में कम से कम 500 लोग मारे गए। सूत्रों के मुताबिक जोंस शहर के करीब ईसाइयों के तीन गांवों पर मुसलमानों ने हमला बोल दिया। अफ्रीकी देश में मुस्लिम से थोडी ही कम आबादी ईसाइयों की है।
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बदन से सरकते कपड़े--------------------[मिथिलेश दुबे]

बदन से सरकते कपड़े , जी हाँ आजके वर्तमान परिवेश में आपको आसानी से दिख जायेगा । अब ये आपको हर गली नुक्कड़ , बाजार हो या शोपिग माल छोटे कपड़ो मे लड़कियां आपको आसानी से दिख जायेंगी । कल तक छोटे कपड़े रैंप पर कैटवाक करती मॉडल्स अपने डिजाइनर्स के कलेक्शन को
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लो क सं घ र्ष !: पाकिस्तान पर मेहरबानी अमेरिकी शरारत

बच्चों से परीक्षाओं में अन्य प्रश्नों के अतिरिक्त कभी कभी ये दो सवाल भी पूछे जाते हैं एक यह कि किसी देश का राष्ट्रीय खेल कौन सा है, दूसरा यह कि मुख्य व्यवसाय क्या है, यदि अमेरिका के बारे में कोई मुझ से यह प्रश्न करें तो मैं बेधड़क पहले के जवाब में यह
Mar 08 2010 04:11 PM
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दर्द और पीड़ा से मानव जीवन का सम्बन्ध

दर्द और पीड़ा मानव जीवन के अस्तित्व के लिए एक आवश्यक शर्त है| अगर हमारे शरीर और दिमाग में दर्द प्रणाली नहीं हो तो हम अधिक समय तक जीवित नहीं रह पायेंगे|हमारे जीवन में अत्यधिक दर्द और पीड़ा की उपस्थिति दार्शनिक एवं मनोवैज्ञानिक समस्या उत्त्पन्न करती है|
Mar 07 2010 08:18 PM
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लो क सं घ र्ष !: हमारी क्या है भाई! हम न मुफ्ती हैं न मौलाना

हिन्दू, मुसलमानों व अन्य धर्मों के अधिकांश नेता मोलवी, मौलाना, मुफ्ती, पंडित आदि ने अक्सर अपने श्रद्धालुओं का शोषण किया है तथा अपने स्वार्थों व ऐश आराम को वरीयता दी है, अकबर इलाहाबादी का एक सटीक शेर देखिये-पका लें पीस कर दो रोटियां थोड़े से जौ लाना।हमारी
Mar 07 2010 05:02 PM
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लो क सं घ र्ष !: बजट नीतियाँ लीक से हटने की दरकार - 3

सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री श्री कमल नयन काबरा की शीघ्र प्रकाशित होने वाली पुस्तक 'आम आदमी - बजट और उदारीकरण' प्रकाशन संस्थान नई दिल्ली से प्रकाशित हो रही है जिसकी कीमत 250 रुपये है उसी पुस्तक के कुछ अंश नेट पर प्रकाशित किये जा रहे हैं। -सुमन इस पर गर्व करने
Mar 06 2010 04:48 PM
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लो क सं घ र्ष !: लोकतंत्र से ‘‘लोक’’ लुप्त

देश की आजादी से पहले ‘‘लोक’’ की महत्ता नहीं थी। महत्ता थी तो मात्र शाह की। शाह यानी बादशाह और जहां बादशाहत चलती है उसे हम नाम देते हैं राजशाही का। आजादी से पहले बादशाहत थी वह चाहे ब्रिटेन की महारानी रही हों, मुगल शासक रहे हों या पूरे देश में
Mar 05 2010 06:16 PM
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प्रधानमंत्री मनमोहन खान द्वारा भारत के इस्लामीकरण को आगे बढ़ाने के लिए जिहादी आतंकवाद के जनक सौदी अरब की यात्रा

फरबरी 2010 के अंतिम दिनों में भारत-विरोधी भारत सरकार के एंटोनियोमाईनोमारियो के गुलाम प्रधानमंत्री द्वारा सौदीअरब की यात्रा की गइ। जिसका मूल उद्देशया था भारत के इस्लामीकरण के लिए इस्लामिक आतंकवाद के जनक व पोषक सौदी अरब को भारत-विरोधी भारत सरकार(2004-2010)
Mar 05 2010 05:30 PM
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मुक्तक / चौपदे; आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'

मुक्तक / चौपदे आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'संजिव्सलिल.ब्लागस्पाट.कॉम / संजिव्सलिल.ब्लॉग.सीओ.इनसलिल.संजीव@जीमेल.com साहित्य की आराधना आनंद ही आनंद है.काव्य-रस की साधना आनंद ही आनंद है.'सलिल' सा बहते रहो, सच की शिला को फोड़कर.रहे सुन्दर भावना आनंद ही आनंद है.
 
आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'
Mar 05 2010 09:17 AM
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लो क सं घ र्ष !: बजट नीतियाँ लीक से हटने की दरकार - 2

सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री श्री कमल नयन काबरा की शीघ्र प्रकाशित होने वाली पुस्तक 'आम आदमी - बजट और उदारीकरण' प्रकाशन संस्थान नई दिल्ली से प्रकाशित हो रही है जिसकी कीमत 250 रुपये है उसी पुस्तक के कुछ अंश नेट पर प्रकाशित किये जा रहे हैं। -सुमन देश में
Mar 04 2010 03:40 PM
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मनमोहनखान की सौदीअरब की यात्रा

इस दौरान मनमोहनखान ने सौदीअरब के सुलतान को भारत-विरोधी भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे हिन्दूमिटाओ अभियान की व उस में आ रही रूकाबटों की सारी जानकारी दी व इस अभियान को आगे भी भारत के पूर्ण इस्लामीकरम तक जारी रखने के लिए सेकुल गिरोह को मिलने बाली धनराशी को
Mar 03 2010 09:51 PM
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लो क सं घ र्ष !: देश बचाओ अभियान

घर हो, सड़क हो, दुकान हो, दफ्तर हो, कचहरी हो, अस्पताल हो वो कुछ भी हो आजकल हर जगह देश बचाओ अभियान जोर पकड़ रहा है। इस देश बचाओ अभियान का उद्भव कहां से हुआ, कब हुआ, क्यों हुआ, कैसे हुआ किसी को कुछ पता नहीं लेकिन लगे हैं सब के सब देश बचाओ अभियान में। एक
Mar 03 2010 08:45 PM
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लो क सं घ र्ष !: लालच बुरी बला हैं................

आओ बच्चों बहराइच की सैर कराएं ।मिंहिपुरवा जंगल की एक रोचक कथा सुनाएँ ।। बहुत बड़ा जंगल है बच्चों, रहते जीव भयंकर। हाथी की चिंग्घाड़, सिंह के गर्जन जहाँ निरन्तर।।शेरू उस जंगल का राजा, जो पहले था बच्चों।अब वह शक्तिहीन हो गया, बूढा हेा गया बच्चों।। भूख से
Mar 02 2010 05:20 PM
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लो क सं घ र्ष !: कारागार से कविता : मेरा प्यारा हिन्दुस्तान

मेरा प्यारा हिन्दुस्तान, प्यारा-प्यारा हिन्दुस्तानहिन्दू-मुस्लिम आंखें इसकी, आर्या का दिलगंगा-यमुना बहते-बहते, जहां पर जाते मिलतरह-तरह के बूटे-पौधे, भांति-भांति इंसानमेरा प्यारा हिन्दुस्तान, प्यारा-प्यारा हिन्दुस्तान।काशी जैसी सुबह मिले है, अवध के जैसी
Mar 01 2010 04:45 PM
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चरित्र पर भी चढ़ते हैं. रंगों ने किया कमाल

रंग चले,  हुडदंग करें सबफागुन ने मस्ती घोली है ,मनो बुरा, तो मानो तुमछेड़ेंगे, आज तो होली है,रंग कचनार के ,रंग गुलाब के,  और रंग नीले पीले,चिपक गए अंगों में सबके, सूखे हों या गीले,मस्त तरंग में झटकी बुडिया, लागत छैल-छबीली
Feb 28 2010 07:29 PM
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लो क सं घ र्ष !: बुरा मनो या भला क्या कर लोगे होली है : खूने जिगर भी बहाओ तो जानूँ

रंगो की होली तो सब खेलते हैं।खून जिगर भी बहाओं तो जानूँ।। प्रेम के रंग में मन भी रंग जाए बन्धू। कोई ऐसी होली मनाओं तो जानूँ।।दो बदन मिलना केाई जरूरी नहीं।दिल से दिल को मिलाओं तो जानूँ।। ठुमरी वो फगुआ तो गाते सभी हैं। प्रेम का गीत कोई सुनाओ तो
Feb 28 2010 06:02 PM
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लो क सं घ र्ष !: बजट नीतियाँ लीक से हटने की दरकार

सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री श्री कमल नयन काबरा की शीघ्र प्रकाशित होने वाली पुस्तक 'आम आदमी - बजट और उदारीकरण' प्रकाशन संस्थान नई दिल्ली से प्रकाशित हो रही है जिसकी कीमत 250 रुपये है उसी पुस्तक के कुछ अंश नेट पर प्रकाशित किये जा रहे हैं। -सुमन भारत सरकार के
Feb 28 2010 09:24 AM
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कांग्रेस आई महंगाई लाई...!!!

कांग्रेस आई महंगाई लाई...!!!बजट २०१०-२०११ ने कांग्रेस के आम आदमी की जेब पर डाका डाला है.आम आदमी ने कांग्रेस को सत्ता सौंपकर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारा है.नरेगा को मनरेगा का नाम दे दिया और ४० हज़ार करोड़ आवंटित कर लुटेरों और दलालों की जेब और भरने का अवसर
 
प्रबल प्रताप सिंह्
Feb 27 2010 09:11 PM
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अब के बरस

होली को तो हर वर्ष आना ही थासो इस बरस भी आगई|अबीर,,गुलाल ,पिचकारी तो मिलते हैं बाजार में पर नहीं मिला करती मन की उमंगें |मौसम तो फागुनीहो ही होजाता है पर नहीं होते स्पंदित मन की वीणा के तार|होली मन की खुशियों का त्यौहार हैइससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह
Feb 27 2010 09:22 AM
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लो क सं घ र्ष !: अमेरिकन साम्राज्यवाद : अंतिम भाग

महायुद्ध यूरोप में लड़ी गयी दो लड़ाइयों को विश्वयुद्ध संज्ञा दी जाती है- प्रथम विश्वयुद्ध और द्वितीय विश्वयुद्ध। किंतु ज्यादा सही बात यह है कि दुनियां का प्रथम महायुद्ध सं0 रा0 अमेरिका ने पश्चिमी गोलार्द्ध में शुरू किया। यह युद्ध लातिन अमेेरिका कब्जाने के
Feb 27 2010 08:50 AM
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जिहादी आतंकवाद पर सेकुलर गिरोह की भ्रमित सोच

मुम्बई पर हमले ने हमें कश्मीर में मिले सबक को फिर से याद करवा दिया कि किस तरह इस सेकुलर गिरोह ने मुस्लिम जिहदियों के साथ मिलकर पहले हिन्दुत्वनिष्ठ हिन्दुओं को मरवाया जब हिन्दुत्वनिष्ठ हिन्दू खत्म हो गये तो फिर इस सेकुलर गिरोह से सबन्धित हिन्दुओं को भी
Feb 26 2010 05:49 PM
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लो क सं घ र्ष ! : जेहाद का अभिप्राय

"जेहाद का अभिप्राय इस्लामी आतंकवादी संगठनों द्वारा भारत राष्ट्र के विरूद्ध इस राष्ट्र के नौजवानों को गुमराह कर भारत में आतंकवादी उपायों द्वारा इस्लामिक राष्ट्र की स्थापना करना है। "यह कथन उत्तर प्रदेश के एस.टी.ऍफ़ के पुलिस उपाध्यक्ष श्री चिरंजीव नाथ
Feb 26 2010 05:05 PM
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लो क सं घ र्ष !: बुढ़ापा देखकर रोया : ताबूत घोटाले वाले

बीमारी, बुढ़ापा और मृत्यु पर महात्मा बुद्ध ने जो भी चिंतन किया हो और निर्वाण या मोक्ष का हल तलाश किया हो, वास्तव में अब भी हम को यह सोचना है कि यह अभिशाप है या वरदान? प्रकृति, प्रबंधन के एक बड़े चैखटे में रखकर अगर हम देखें तो कह सकते हैं कि विनाश भी विकास
Feb 25 2010 07:02 PM
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लो क सं घ र्ष !: आधुनिक भगवान को सेक्स गिफ्ट

मानव धर्म की सेवा करने वालों के अधर्मी कार्य मेडिकल कौंसिल आफ इण्डिया द्वारा निर्णय लिया गया है कि अब दवा कम्पनियों द्वारा डाक्टरों को रिश्वत के तौर पर अपनी दवा की सेल प्रमोशन के लिए दिए जाने वाले तोहफों पर रोक लगाई जायेगी। यह देर से उठाया जाने वाला एक
Feb 24 2010 07:37 PM
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लो क सं घ र्ष !: हो सकता है नक्सलवाद का आन्दोलन सही हो - उच्चतम न्यायालय

'हो सकता यह आन्दोलन सही मकसद के लिए किया जा रहा हो। शायद यही वजह है कि इसे लोगों का भी समर्थन मिल रहा है । यदि ऐसा है तो इसमें समस्या क्या है।' - माननीय उच्चतम न्यायालयमाननीय उच्चतम न्यायालय ने नक्सल आन्दोलन पर यह टिपण्णी करते हुए कहा कि इस पर सरकारों का
Feb 23 2010 09:36 PM
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एक दमदार दोहा ..; ब्लोगेर्स के लिए

 ब्लॉग  के  इस बाग़  में ऐसी  ढोलम -पोल ,सहमी सी सब  कोयलें , कौवें  करे किलोलएक तुमने ,इक उसने  ब्लॉग बना डाला ,एच टी टी पी , पे देखो बन गयी ब्लोग्माला .लिख -लिख अपना ब्लॉग  ये जग भया ब्लोगरब्लोगर जंतु
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लोकसंघर्ष को सीधा उत्तर

अगर एक भी ब्यक्ति का खून न बहाने बाले बाला साहब ठाकरे को आदमखोर कहेंगे तो फिर सिंगूर में निर्दोश किसानों,मजदूरों,महिलाओं ,बच्चों का खून बहाने बालों को क्या कहेंगे । और उन लोगों को जिन्होंने माओबाद,नक्सलबाद के नाम पर अपनी राजनिती चमकाने के लिए लाखों
Feb 09 2010 04:49 PM
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लखनऊ ब्लॉगर एसोसिएशन

bbcwswidget.settings({"package" : "hi"});बीबीसी हिंदी की वेबसाइट पर चलें
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हिन्दू एकता सिद्धांत

यहाँ पर यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि संसार में हिन्दू धर्म ही एकमात्र ऐसी जीवन पद्धति है जिसे किसी संप्रदाय विशेष के साथ नहीं जोड़ा जा सकता,जिसमें कभी किसी संप्रदाय विशेष को अपना शत्रु घोषित नहीं किया गया,इन्सान तो इन्सान पेड़ पौधों जीव-जन्तुओं,
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लो क सं घ र्ष !: खबरदार! बाजार उदार हो गया है।

सर्वत्र उदारीकरण-उदारीकरण की चिलपों मची हुई है। हर कोई उदारीकरण का राग अलाप रहा है। ऐसे में बाजार भी किसी से पीछे नहीं है। बाजार भी कह रहा है कि वो उदार है। आज अगर कोई नंगा दिखता है तो समझिये वो फैशन परस्त है। आज कोई भूखा है तो समझिये वो डाइटिंग कर रहा
Feb 06 2010 04:38 PM
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आज की द्रौपदी

आज की द्रौपदीदुशासन को उसके दुस्साहस का सबक सिखाकर सांप सूंघ गयी सभा के बीचविजयी अदा से द्रोपदी मुस्कराई, गुर्रा कर बोली तुम क्या चीर हरोगेमैं खुद उतार आई,जैसे पांच, वैसे एक सों  पांच,कायरों के हुजूम से कैसा डर कैसी आंच,सभा में
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हां अब हिन्दू को टाईगर होना ही पड़ेगा बरना .....

मेरे प्यारे बौद्धिक गुलाम भाई सुमन जरा सोचो क्या बोल रहे हो और किसे ? आपकी इसी जिहादी आतंकबाद समर्थक सोच ने ही तो हिन्दूओं को आज तक इतनी कीमत चुकाने के लिए मजबूर किया है ।अगर आपके जैसे बौद्धिक गुलाम मुसलिम जिहादी आतंकवादियों का पक्ष न लेते तो किसी में
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लो क सं घ र्ष !: साहित्य अकादमी: सगुण विरोध् ही कारगर होगा

दक्षिण कोरिया की बहुराष्ट्रीय कंपनी समसुंग इंडिया और भारत की केंद्रीय साहित्य अकादमी के संयुक्त तत्वावधन में भारतीय भाषाओं के लेखकों को ‘टैगोर साहित्य पुरस्कार’ देने के पफैसले का हिंदी के कई लेखकों ने विरोध् किया। विरोध् का सिलसिला इस योजना का पता लगने
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तुझसे नाराज़ नहीं ज़िन्दगी हैरान हूं मैं...??

घटना - एक थ्रूआउट  फर्स्टक्लास और गोल्ड मेडलिस्ट अनन्य बाजपेई (26) मुंबई में भाई के साथ रहकर  सीए की पढ़ाई कर रहा था. इस बार उसका अंतिम साल था. परीक्षा की तैयारी ठीक से न होने के कारन डिप्रेशन में आ गया. परीक्षा की तारीख नजदीक आने से उसका
 
प्रबल प्रताप सिंह्