पसंद करें
100
नापसंद करें

इस्‍लाम का संदेश आतंक मचाओ हूर मिलेगी

इस्‍लाम का उदृदेश्य आतंक और सेक्स है यह मेरा कहना नही है किन्‍तु जब इस्‍लाम से सम्‍बन्धित ग्रंथो का आध्‍ययन किया जाये तो प्रत्‍यक्ष रूप ये यह बात सामने आ ही जाती है। कि घूम फिर कर अल्‍लाह को खुश करने के लिये जगह पर आंतक फैलाने और उनके अनुयायियों खुश
पसंद करें
66
नापसंद करें

तब तो हर स्त्री, हर पत्नी हर माँ वेश्या है मसिजीवी जी

प्रिय मसिजीवी जी आपकी अनाम निलोफर के मैले तर्कों पर सफाई नुमा पोस्ट देखी। आपने माँ बाप द्वारा बच्चों के लालन पालन में किए गए कार्य को मैला कमाने से तुलना की है - “ अपने बच्‍चे के पाखाना साफ करने से बचने वाली... बच सकने वाली मॉं कहॉं पाई जाती है ? कौन
 
आभा
पसंद करें
56
नापसंद करें

हिन्दुत्ववादी ब्लॉगरों से परहेज, नामवर सिंह का आतंक और सैर-सपाटा यानी इलाहाबाद ब्लॉगर सम्मेलन…

ज़रा सोचिये, आप किसी बड़े शहर के सबसे पुराने और काफ़ी ख्यात ब्लॉगर हैं, उसी शहर में कोई ब्लॉगर सम्मेलन होता है जिसे तथाकथित रूप से "राष्ट्रीय संगोष्ठी" का नाम दिया जाता है, लेकिन फ़िर भी न तो आपको उस सम्मेलन हेतु कोई निमंत्रण पत्र भेजा जाता है, उलटे
पसंद करें
51
नापसंद करें

अल्‍लाह की शक्ति का अतिक्रमण करता भारतीय संविधान, कठमुल्‍लों फतवा जारी करो

मुस्लिमो द्वारा वन्‍देमातम् को लेकर जो गंदा खेल खेला जा रहा है, उसके पीछे देश के एकीकृत ढाचे को तोड़ने की मंशा दिखाई देती है। वन्‍दे मातरम् कोई गीत मात्र नही है बल्कि देश की आजादी के समय स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानियो में जोश भर देने वाला मंत्र था, जिस
पसंद करें
45
नापसंद करें

चुनाव के नतीज़ों ने जी खट्टा कर दिया

एक महीने से ज़्यादा हुआ. १६ मई की प्रतीक्षा थी. पांच साल तक मुझ जैसे निठल्ले दर्शक उस शानदार नाटक का इन्तज़ार कर रहे थे जिसे देख कर ही हमें यकीन करने की आदत पड़ गई थी कि हमारा लोकतन्त्र ही दुनिया का सबसे शानदार लोकतन्त्र है.सारी तैयारियां हो चुकी थीं.न्
पसंद करें
43
नापसंद करें

घर सा घर ... अब कहाँ है घर

घर' एक वास्तु मात्र न होकर भावसूचक संज्ञा भी है ! घर से अधिक सजीव एवं घर से अधिक निर्जीव भला क्या हो सकता है ! अनगिनत भावनाओं और प्रतीकों का मिला-जुला रूप है घर ! "कमरा नंबर एक / जहाँ दो-दो सड़कों के दुःशासनी हाथ / उसकी दीवारें उतार लेने को / लपके ही
 
प्रकाश गोविन्द
टैग: article
पसंद करें
42
नापसंद करें

बुलेट बैरक और भारत

मैं एक भारतीय हूं....और हर भारतीय की तरह मुझे कुछ मूल्य घुट्टी में मिले हैं। मसलन परम्परा, देश और देश की सेना पर गर्व करना। हालांकि ये समझना मुश्किल है कि हमारी परम्परा क्या है? और देश का मतलब टाटा, अम्बानी और मित्तल है? या फिर जनता? (जनता जिसमें किस
 
Pawan Meraj
टैग: ARMY
पसंद करें
41
नापसंद करें

एक ब्लोगवाणी पसंद का सवाल है बाबा ... जो दे उसका भी भला जो न दे उसका भी भला

कल हमने भेजे याने कि खोपड़ी पर लिखने के लिये खूब खोपड़ी खपाया, उसे लिखने के लिये दो घंटे की मशक्कत के बदले सिर्फ छः ब्लोगवाणी पसंद ही पाया, इतनी कम पसंद? क्या हम इतने गये गुजरे हैं? ये सब सोच कर हमारा भेजा भन्नाया अरे! ये तो कविता बनती जा रही है। नहीं
 
जी.के. अवधिया
पसंद करें
41
नापसंद करें

तीस्ता सीतलवाड के मुँह पर पड़ा “बूमरैंग” – क्यों न पद्मश्री वापस छीन ली जाये? Teesta Setalvad Gujrat Riots Supreme Court of India

शर्मनिरपेक्षता” के खेल की धुरंधर खिलाड़ी, सेकुलर गैंगबाजों की पसन्दीदा अभिनेत्री, झूठे और फ़र्जी NGOs की “आइकॉन”, यानी सैकड़ों नकली पद्मश्रीधारियों में से एक, तीस्ता सीतलवाड के मुँह पर सुप्रीम कोर्ट ने एक तमाचा जड़ दिया है। पेट फ़ाड़कर बच्चा निकालने की जो
पसंद करें
40
नापसंद करें

चाहता तो बच सकता था, मगर कैसे बच सकता था (चर्चा हिन्दी चिट्ठों की !!!)...

अंक : 54 प्रस्तुतकर्ता : हिमांशु । Himanshu "चाहता तो बच सकता था मगर कैसे बच सकता था ? जो बचेगा कैसे रचेगा ?" श्रीकान्त वर्मा की यह पंक्तियाँ हर काम कराती रहीं मुझे । चिट्ठाकारी में आना, ठहरना, रचने लगने का आभास करना- सब इन पंक्तियों का टेम्पटेशन है
पसंद करें
39
नापसंद करें

घुना हुआ ''तीसरा खम्‍भा''

विधि पर चर्चा करना बहुत ही गम्‍भीर मसला है, खास कर विधिवालो पर करना उससें भी गम्‍भीर। यह मै नही पिछले कुछ दिनों में हिन्‍दी चिट्टाकारी में घटे वाक्‍यें ये कहते है। हमारे अरूण जी को एक मेल मिलता है, वे डर से या किसी और कारण अपनी ब्‍लाग पोस्‍ट का वध कर
पसंद करें
38
नापसंद करें

हमने अपने आप को अक्लमन्द, छोटा और हास्यास्पद पाया

नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित पोलिश कवयित्री शिम्बोर्स्का की कविता 'घटनाओं का एक संस्करण' का एक अंश...कोई नहीं चाहता थाअपनी या किसी दूसरे की भ्रान्तियों का शिकार बनना.भीड़ के दृश्यों, जुलूस वगैरह के लिए स्वयंसेवक कोई नहीं बनान ही मरती हुई जनजातियों के ब
पसंद करें
37
नापसंद करें

गैरी लार्सन के कुछ यादगार कार्टून: पहली खेप

जब-जब किताबों से मन उचाट हो जाता है, कुछ करने की इच्छा नहीं होती तो मैं सम्हाल कर छिपा रखी (ताकि कोई उन्हें पार न कर ले जाए) गैरी लार्सन के कार्टूनों की किताबें निकाल लेता हूं. कभी कभी तो रात के तीन-साढ़े तीन बजे होते हैं जब मेरे कमरे में सोया मेरा पु
पसंद करें
37
नापसंद करें

तेंतींस प्रतिशत आरक्षण के अर्न्तगत मेरी भी निन्यानबे की लिस्ट, हाज़िर है!

अपना ब्लॉग आरंभ किया मैं क्या जानूँ टेक्नोलोजी मैं पड़ती लोगों की साइकोलोजी ब्लॉग बनाना पति का काम हम टिप्पणियाँ देते , फरमाते आराम तारों की छांव में नींद ली गरीब मास्टर का ऐ. सी. सस्ती छाँव है तारों की संगीत बैन्ड में कोई वाद्य यंत्र बजाया बजाने की
पसंद करें
35
नापसंद करें

ब्‍लॉंगवाणी को लेकर इतनी टेंशन क्‍यो ? मेरे ब्‍लाग को हटाने से मुझे आपत्ति नही।

मेरी कल की TimeLoss की पोस्‍ट पर वयस्‍क समग्री- क्रिकेटर गाली भी देते है!!! (वयस्‍क समग्री कृपया जाने से पहले सोचे) पर ज्ञान जी ( अपने मानसिक हलचल वाले ज्ञान जी नही है, उनके पास टाईम कहाँ ) तो विफर ही पड़े है, मै समझ नही पा रहा हूँ क्‍यो ? शायद क्रिक
टैग: विवाद
पसंद करें
34
नापसंद करें

न्यूज चैनल ने तो राखी के स्वयंवर का भी स्टिंग आपरेशन कर दिया

अब तक घूसखोरों अफसरों का , नेताओं का , पुलिसवालों का स्टिंग आपरेशन होता रहा है , अब रियलिटी शो का भी स्टिंग आपरेशन होने लगा है । खबरिया चैनल न्यूज 24 ने मंगलवार की रात काफी देर तक एनडीटीवी इमेजिन पर चलने वाले राखी सावंत के स्वयंवर के एक पार्टीसिपेंट
 
media marg
पसंद करें
34
नापसंद करें

...सरनेम का ऐसा चक्कर ...दिमाग हुआ घनचक्कर

साथियों महिलाओं का सरनेम कैसे बदलता है ....इस पर मैंने बहुत रिसर्च करी ...कई बहिनों के इंटरव्यू लिए ..उनके सरनेम के इतिहास को जाना ....जिनके आधार पर यह निष्कर्ष निकला .... एक महिला का ऐसे बदला सरनेम जब में नई नवेली दुल्हन बनी थी अलबेली कहा मैंने नए -
पसंद करें
34
नापसंद करें

होतीं परवाजें लम्बी पर सफ़र तन्हा होते है.

जिनके इशारों को ढूंढती है कई नजरें उनको चाहते कई दिल वो बेखबर तन्हा होते है हजारों सजदों का ईनाम हासिल जिन्हें कई तकदीरों के मालिक वो अक्सर तन्हा होते है उनके आँगन में लगे है मेले हमेशा से बाहर खुशियों के आलम वो अन्दर तन्हा होते है. मुश्किलों में हाथ
पसंद करें
33
नापसंद करें

माँ को इज्जत देनें मे अगर शर्म आती है तो कहीं डुब मरो

जी हाँ बिल्कुल सही सुना आपने। अगर ऐसा वाकया आपको देखने को मिले जहाँ कोई अपनी माँ को माँ कहने में शर्म महसुस करता हो और पुछने पर कहता हो ये बताने के लिए कि ये माँ है,माँ कहना जरुरी नहीं है। जरा सोचिए कितनी शर्मसार करने वाली घटना है। मेरा ये कहना उनके
 
Mithilesh dubey
पसंद करें
33
नापसंद करें

ईसाई संगठन का यह न्यूज़लेटर साम्प्रदायिक है या मनगढ़न्त? KCBC Newsletter Kerala Love Jihad

केरल में कोचीन स्थित केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल (KCBC) के तहत काम करने वाले संगठन कमीशन फ़ॉर सोशल हारमोनी एण्ड विजिलेंस द्वारा जारी ताज़ा न्यूज़लेटर में केरल में चल रहे "लव जेहाद" और इसके धार्मिक दुष्प्रभावों के बारे में ईसाई समाज को जानकारी दी गई है।
पसंद करें
33
नापसंद करें

माइकल जैक्सन के नाम न्यूज चैनल के एक प्रोडयूसर की चिट्ठी

प्रिय माइकल तुम मुझे नहीं जानते माइकल । जानते भी कैसे मैं तो चैनल में प्रोडयूसर हूं । माफ करना तुम्हें तब डिस्टर्ब कर रहा हूं , जब तुम दूसरी दुनिया में जा चुके हो । पता नहीं गए भी हो या नहीं क्योंकि आज ही हमें पता चला कि तुम्हारी लाश ताबूत से गायब हो
 
media marg
पसंद करें
33
नापसंद करें

बहराइच - एक क्रूर मुगल आक्रांता की कब्र पर मेला? Mughal Invader Defeated by Hindu Kings in Behraich

जैसा कि पहले भी कई बार कहा जा चुका है कि वामपंथियों और कांग्रेसियों ने भारत के गौरवशाली हिन्दू इतिहास को शर्मनाक बताने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है… क्रूर, अत्याचारी और अनाचारी मुगल शासकों के गुणगान करने में इन लोगों को आत्मिक सुख की अनुभूति होती है।
पसंद करें
33
नापसंद करें

दो चुनावी क्षणिकाएं ....

साथियों ....चुनावी मौसम में ....चुनावी क्षणिकाएं ....... जगदीश टर्रटर्र वो जब अदालत में आते हैं धुँआधार आंसू बहाते हैं उनका रोना देख मुकदमा करने वाले खुद को अपराधी पाते हैं जन सेवा उन्होंने जन सेवा का व्रत लिया है आज तक मंत्री से कम कोई पद नहीं लिया
पसंद करें
33
नापसंद करें

सुदिन की याद नहीं चाहती थीं पांती काकी

पांती काकी के लिए प्राथना करें आखिर हम सब की पंता या पांती काकी विदा हुई । खूब धूमधाम से उनके सारे संस्कार किए गए। ब्रह्म भोज हुआ। महापात्र विदा हुए। दो तीन बार गऊ दान हुआ। एक तीन बाई डेढ़ की वैकल्पिक वैतरनी बनाकर गऊ की पूछ पकड़ काकी के स्वर्ग पहुँचन
 
बोधिसत्व
पसंद करें
32
नापसंद करें

फ़ाइव स्टार होटल की नौकरी छोड़कर, मदुरै की सड़कों पर मनोरोगियों, पागलों और विक्षिप्तों को भोजन कराता एक महात्मा… A Social Worker Madurai

हम सभी ने अपने-अपने शहरों में सड़कों, गलियों और बस-स्टैण्ड, रेल्वे स्टेशनों आदि कई जगह अनाथ, लेकिन पागल और अर्धविक्षिप्त लोगों को हमेशा देखा है। कभी-कभार दया दिखाये हुए हम उनको कुछ खाने को दे देते हैं, लेकिन मनुष्य के शरीर को भूख तो जीवन भर ही लगती है
पसंद करें
32
नापसंद करें

आध्यात्मिकता अमीरों की ट्रांक्विलाइज़र है

हमारे समय के बड़े कवि-कहानीकार श्री कुमार अम्बुज ने मेल से यह ज़बरदस्त और ज़रूरी दस्तावेज़ भेजा है. बहुत सारे सवाल खड़े करता जावेद अख़्तर का यह सम्भाषण इत्मीनान से पढ़े जाने की दरकार रखता है. इस के लिए श्री कुमार अम्बुज और डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल का बहुत बह
पसंद करें
32
नापसंद करें

पापा का अपने प्यारे बेटे के नाम एक ख़त...

रात की छापामारी में डेढ़ बज गए थे.सुबह उठा तो बहुत थकान महसूस हुई.जब से पांच दिन का हफ्ता हुआ है सवा नौ बजे दफ्तर पहुंचना पड़ता है..जानता हूँ अगर मैं लेट पहुंचा तो तो मेरे अधीनस्थ कभी समय पर नहीं आयेंगें. फिर एक के बाद एक तीन मीटिंगें..फिर दो प्रकरणो
पसंद करें
31
नापसंद करें

यदि कांग्रेस खत्म हो जाये, तो हिन्दू-मुस्लिम दंगे नहीं होंगे…- सन्दर्भ मिरज़ के दंगे Miraj Riots & Communal Politics by Congress

प्रायः सभी लोगों ने देखा होगा कि भारत में होने वाले प्रत्येक हिन्दू-मुस्लिम दंगे के लिये संघ-भाजपा को जिम्मेदार ठहराया जाता है, जब भी कभी, कहीं भी दंगा हो, आप यह वक्तव्य अवश्य देखेंगे कि "यह साम्प्रदायिक ताकतों की एक चाल है… भाजपा-शिवसेना द्वारा रचा
पसंद करें
31
नापसंद करें

सब ठाठ पड़ा रह जाएगा : हबीब तनवीर को श्रद्धांजलि

रायपुर (अब छत्तीसगढ़), में एक सितम्बर १९२१ को जन्मे देश के महानतम समकालीन नाटककारों में से एक हबीब अहमद ख़ान 'तनवीर' उर्फ़ हबीब तनवीर का आज सुबह करीब साढ़े छः बजे भोपाल में देहान्त हो गया.हजरत बाबा नज़ीर अकबराबादी के जीवन पर आधारित उनका नाटक 'आगरा बाज़ार'
पसंद करें
30
नापसंद करें

इस्लाम के "सच्चे" फ़ॉलोअर्स से आपका परिचय बहुत जरूरी है… Fanatic Followers of Islam

एक खबर अपने "महान सेकुलर" भारत देश से, तथा एक खबर धुर इस्लामिक देश सोमालिया से, जबकि कुछ अन्य खबरें यत्र-तत्र बिखरी पड़ी हुई… इन्हें एक ही पोस्ट में समेटकर लाया हूं, ताकि आप इस्लाम के सच्चे फ़ॉलोअर्स से परिचित हो लें (वे सेकुलर्स और वामपंथी भी परिचित ह
पसंद करें
30
नापसंद करें

और जब मतदान रुक गया था ...

इस साल तो हम चुनाव ड्यूटी से बच गए , लेकिन पिछले साल की ड्यूटी नहीं भूलती ,जब नगरपालिका के चुनाव के दौरान मतदान एक घंटा रुका रहा .मुस्लिम बहुल इलाके में ड्यूटी थी , पर्दानशीनों की पहचान हम बखूबी कर रहे थे ..तभी एक पर्दानशीं का आगमन हुआ , हमने हाथ में
पसंद करें
30
नापसंद करें

सिकन्दर, जंगली मुर्गी का शिकार और एक नशीली पिकनिक - भाग एक

दारू पीना सीखे हुए साल भर हो गया था. नैनीताल शहर की रोमान्टिकपन्थी के चक्कर में मोफ़्फ़त की मार भी पड़ चुकी थी. घर से मिलनेवाली पाकेटमनी हम मित्रों के मिलौचा-प्रोग्रामों की भेंट चढ़ जाया करती थी और पन्द्रह तारीख़ आते ने आते फ़ोकट दारू पिलाने वाले महात्माओं
पसंद करें
30
नापसंद करें

फिल्म सरपत का असर और दाम्पत्य

साथ-साथ हैं तीन चार दिन हुए, मित्र अभय की फिल्म सरपत देखी। फिल्म का ऐसा प्रभाव रहा कि घर आकर एक कविता लिखी। मैंने ऐसी बहुत कम कविताएं लिखी हैं जो कि किसी रचना से प्रभावित हो या प्रेरित हो। लेकिन सरपत ने तो मन को चीर दिया। फिल्म देखने के बाद मैं वहाँ
 
बोधिसत्व
पसंद करें
29
नापसंद करें

इस मोड़ से जाते हैं कुछ सुस्त कदम रस्ते

ये आदतें भी बड़ी अजीब होती हैं....ये भूलना भी तो एक आदत है....और हाँ याद रखना भी एक आदत....खासकर जब आप याद रखना चाहो तो भूल जाते हो....कॉफी के नन्हे नन्हे घूँट लेता हुआ मैं मुस्कुराते हुए बोला वो मेरी आँखों में निहारते हुए बोली अच्छा वो कैसे....ह्म्म
पसंद करें
29
नापसंद करें

वैदिक विज्ञान के रहस्य

पिछले कुछ समय से ब्लागजगत में किसी भी वस्तु, विषय या सिध्दांतों को भौतिकतावादी आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर परखने की एक ऐसी भेडचाल प्रारंभ हुई है, जिसने अनेकानेक आधारहीन अंधविश्वासों की धज्जियां उड़ाने के क्रम में कुछ अति महत्वपूर्ण विषयों व आस्थाओं को
 
Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"
पसंद करें
29
नापसंद करें

तमिल चीतों के सफ़ाये में चीन की भूमिका और भारत मूक दर्शक China’s role in Tamil Tiger Eradication

जब श्रीलंका ने तमिल चीतों पर निर्णायक हमला बोलने का निर्णय लिया तब कई लोगों को आश्चर्य हुआ था, कि आखिर श्रीलंका कैसे यह कर सकेगा। लेकिन इलाके पर बारीक नज़र रखने वाले विशेषज्ञ जानते थे कि चीन का हाथ अब पूरी तरह से श्रीलंका की पीठ पर है और प्रभाकरन सिर्
पसंद करें
29
नापसंद करें

भारत का नया “दामाद” अज़मल कसाब : वकीलों और न्याय व्यवस्था की जय हो… Azmal Kasab, Abbas Kazmi, Indian Judiciary System

सबसे पहले कुछ जरूरी सवाल –1) मानो यदि किसी वकील को यह पता हो कि जिसका केस वह लड़ रहा है वह देशद्रोही है, फ़िर भी वह उसे बचाने के लिये जी-जान लगाता है और बचा भी लेता है तो इसे क्या कहेंगे “पेशे के प्रति नैतिकता और ईमानदारी” या “देशद्रोह”?2) कोई पत्रकार
पसंद करें
28
नापसंद करें

तेरी मेहरबानी से मनमोहन हैं मालामाल, एक तू ही बलवान है भाभी बाकी सब कंकाल

तर्ज़ : चाँदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसे बाल गायक : पंकज उधास शौहर जैसा ढंग है तेरा, सासू जैसी चाल एक तू ही बलवान है भाभी, बाकी सब कंकाल जिस रस्ते से तू गुज़रे वो वोटों से भर जाए तेरी मेहनत कांग्रेस- इ के सोते भाग जगाये तू जिस लीडर को छूले वो ही पीएम
 
AlbelaKhatri.com
पसंद करें
28
नापसंद करें

परिचयनामा : श्री महावीर बी. सेमलानी

आप लोग हे प्रभु ये तेरा पथ ब्लाग से तो अच्छी तरह परिचित ही हैं. हमने श्री महावीर बी. सेमलानी से उनके घर मुम्बई मे मुलाकात की. आईये आपको भी उनसे रुबरु कराते हैं. महावीर, पत्नी प्रेमलता, पुत्री मिताली माउन्ट आबु मे ताऊ : महावीर जी क्या आप मुम्बई के ही
 
ताऊ रामपुरिया
पसंद करें
28
नापसंद करें

कसाब के मुकदमे पर 30 लाख का खर्च और सैकड़ों जान बचाने वाले को 500 रुपये Mumbai Attack Kasab Trial and Unsung Heroes

बबलू कुमार दीपक”, यह नाम आप में से कुछ ही लोगों ने सुना होगा, यह सज्जन मुम्बई सीएसटी स्टेशन पर 26/11 के हमले के वक्त ड्यूटी पर थे। श्री दीपक रेलवे में अनाउंसर हैं और उस काली रात को दूसरे अनाउंसर श्री विष्णु झेण्डे के साथ दूसरे अनाउंसमेंट केबिन में उन