एक सस्ती सायरी
एक इन्कलाब आयी, पूरी दुनिया सुधर गई.. हजार और आये, हम न सुधरे हैं औ ना सुधरेंगे.. मेरे पिछले पोस्ट पर कुछ लोगों ने कमेन्ट में मुझे सुधारने कि सलाह दे डाली थी.. उसी पर यह माइक्रो पोस्ट है.. ;) वैसे मैं यह बता देना चाहता हूँ कि मैं इस सायरी को लिखने का...
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PD
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[14 Jun 2009 10:56 AM]



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