कुछ कह दो

My Feelings... कुछ भी पुराना नहीं कुछ भी अनजाना नहीं कुछ भी अनकहा नहींकुछ भी अनसुना नहीं फिर भी क्यूँ हैं हम अजनबी सेक्यूँ ओढ़ ली है हमनेख़ामोशी की चादरेंक्यूँ हमने अपनी-अपनी सरहदें बना ली हैंप्यार की बातें भी तो हमने ही की थीं एहसास की बातें हमने ही की थीं तो फिर... [पूरी पोस्ट]
writer रश्मि प्रभा...

सर्वाधिकार सुरक्षित

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[09 Feb 2010 05:46 AM]