दिव्य प्रेम का अलग संसार है
प्रेम में हम सिर्फ अपने प्रियतम के बारे में सोचते हैं। इस अवस्था का वर्णन करते हुए कई लोग कहते हैं कि उन्हें भूख नहीं लगती, नींद नहीं आती। हर जगह उन्हें अपने प्रियतम का ही चेहरा दिखाई देता है। हर वस्तु उन्हें अपने प्रियतम की याद दिलाती है। अगर उन्हें वह...
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सुभाष चन्द्र
प्रेम
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[09 Feb 2010 06:06 AM]



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