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हारे भी तो बाज़ी हाथ नहीं [संगीतकार के स्वर में - 4]

ग़र बाज़ी इश्क़ की बाज़ी है, जो चाहे लगा दो डर कैसागर जीत गये तो क्या कहना, हारे भी तो बाज़ी मात नहीं संगीतकार खय्याम का नाम हिन्दी संगीत प्रेमियों के लिये नया नहीं है. उन्होने हर दौर में हिट् गीत दिये हैं. चाहे शगन का गीत "तुम अपना रंज़ो ग़म" हो चाहे उमराव जान
 
Smart Indian - स्मार्ट इंडियन
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'राजनीति', कलयुगी महाभारत का खूनी खेल!!!

शुक्रवार को राजनीति फिल्म देखने गया था। काफी महीने हो गए थे कोई हिंदी फिल्म देखे हॉल में, इसलिए एक हफ्ते पहले काइट्स देखने की भी लालसा थी मगर एडवांस बुकिंग के चक्कर में टिकट नहीं मिल सका और जब समीक्षाओं को पढ़ा तो फिर देखने की हिम्मत नहीं हुई। भला मनाया
 
Aashu
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चिट्ठी-1. प्रभू जी आपने T-20 क्यों बनाया?

प्रभू जी आपने T 20 क्यों बनाया? आपने Bradman, Gavaskar बनाये, आपने medium pacer कुंबले को और फिरकी Warne बनाया, आप स्वयं सचिन के रुप में साक्षात हुए, कितनी अच्छी बात है। आपने श्वेत कपड़ों को रंगा और लाल गेंद को श्वेत कर one day बनाया, आपने sledging और
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लिख-प्रदेश। An Ideal State.

एक प्रदेश सिर्फ़ लेखकों के लिये. जब धर्म, जाती, और भाषा के नाम पर नया प्रदेश माँगा जा सकता है तो पेशे के नाम पर क्यों नहीं, लेखन. माना की पेशा गिरा हुआ माना जाता है, बुरा समझा जाता है, आप कहते हैं की ये नीच से भी निम्न कोटि का है, लेखक को लगता है की ये
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अरे, यह तो मेरे ध्यान में था ही नहीं

इस चिट्ठी में 'टू किल अ मॉकिंगबर्ड' के प्रकाशन के ५०वें साल पर हो रहे सम्मेलनों की चर्चा है। This post talks about function on 50th anniversary of publication of 'To Kill a Mockingbird'. is chitthi mein 'To Kill a Mockingbird' ke prakashn ke 50ven sal
 
उन्मुक्त
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# कथा तीसरे वेताल की

दोस्तों,प्रस्तुत है एक और रोमांचक दुभागीय वेताल कथा आप सब की खिदमत में जो की एक बार फिर वेताल वृतांतों से ली गई है और इस बार इस कथा में फ़ाल्क बता रहे हैं की कैसे सिकंदर का हीरे का प्याला वेताल के वृहद कोषागार में आया.ये कथा और एक वजह से भी महत्व रखती है
 
Comic World
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भारत! अपने मन में बिहार की छवि बदलो, बिहार बदल रहा है!!!

आज यूँही ब्लॉग के समंदर में तैरते हुए इस ब्लॉग पर नजर पड़ गयी। नीतीश कुमार के बिहार, बिहार के विकास, पत्रकारों की भूमिका इत्यादि पर एस एन विनोद साहब ने बड़ी बड़ी बातें लिखी हैं। इस आलेख को पढ़कर समझ नहीं आ रहा है कि क्या प्रतिक्रिया दूं। हसूँ या रोऊँ समझ
 
Aashu
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न लिखने का कारण!!!

दो हफ्ते से ऊपर गुजर गए, एक भी पोस्ट नहीं लिख पाया हूँ ब्लॉग पर। कुछ आलस, कुछ काम और कुछ घूमना-फिरना; दो हफ्ते कैसे बीत गए पता नहीं चला। पिछले हफ्ते माँ-पिताजी के साथ पुणे घुमने चला गया था। कोई ख़ास कारण नहीं था बस एक पारिवारिक छुट्टी थी। ज्यादा लम्बी भी
 
Aashu
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फोन पर हिन्दी: सोनी एरिक्सन W302i

यह सोनी एरिक्सन का एक कम कीमत का Walkman फोन है, इसमे ब्लूटूथ with A2DP (Advanced Audio Distribution Protocol), रेडियो और २ मेगा पिक्सेल का कैमरा भी है। हिन्दी इस पर बहुत अच्छी दिखती है, फोन के सामान्य अनुप्रयोगों पर भी और इसके  OpenWave वेब
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ब्लॉग पढ़ने की चीज है?

ब्लॉग लिखे जा रहे हैं, पढ़े नहीं जा रहे। पठनीय भी पढ़े नहीं जा रहे। जोर टिप्पणियों पर है। जिनके लिये पोस्ट ब्राउज करना भर पर्याप्त है, पढ़ने की जरूरत नहीं। कम से कम समय में अधिक से अधिक टिप्पणियां – यही ट्रेण्ड बन गया है।यह चिठेरा भी जानता है और टिपेरा भी।
 
ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey
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कबाड़ी के कबाड़ से निकला यादों का पुलिंदा

पटना की गलियों फिर से पहूंच गया लगता हूँ जैसे.. जब मैंने इन गीतों को पहली बार सुना था उस समय मैं तुरंत ही मैट्रिक पास किया था.. कैसेट खरीदने का जिम्मा भैया के हाथों में होता था.. भैया मुझसे बस दो साल बड़े हैं, मगर उस छोटी उम्र में भी ना जाने कहां से
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प्रतिबिम्ब

अकेलेपन के साए सच लगते हैं इस अंधेर कमरे में कुछ ढूँढता एक कदम लम्बे रास्ते चले थे एक, निकले कई थामे वक़्त का हाथ दूर निकल आये अरसा लगता है पल-पल पिछड़े मोड़ पर थमे थे न मूड़ सके हम, रुके कई यह कैसी है जंजीरें पैरों में लिए फिरते है सीने से लगाये [...]
 
mequitnever
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फेंको ये किताबें...

हाँ  हाँ  यादों  में  है  अब  भी, क्या  सुरीला  वो  जहाँ  था,हमारे  हाथों  में  रंगीन  गुब्बारे  थे,और  दिल  में  महकता  समां  था,यारा  हो 
 
Pankaj Upadhyay (पंकज उपाध्याय)
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किया है प्यार जिसे, हमने जिंदगी की तरह

कहीं कुछ मन नहीं लग रहा था.. रात बहुत हो चली थी.. एक कश मारने कि इच्छा बहुत हो रही थी.. मगर नहीं मारा.. शायद घर में होता तो लगा भी लिया होता.. मगर ना लगाऊं इस कारण से रखता ही नहीं हूं घर में.. मोबाईल उठा कर देखा.. कुछ मैसेज दोस्तों को फॉरवार्ड भी किये..
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वक्त ने किया क्या हसीं सितम

कागज के फूल का गीत, गीताबाली द्वारा गया हुआवक्त ने किया क्या हसीं सितम,तुम रहे ना तुम, हम रहे ना हम..बेक़रार दिल, इस तरह मिले,जिस तरह कभी हम जुदा न थे..तुम भी खो गए, हम भी खो गए..एक राह पर चल के दो कदम..वक्त ने किया क्या हसीं सितम,तुम रहे ना तुम, हम रहे
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तीनों जनप्रिय लेखक एक दूसरे को श्रद्धांजली दे सकते हैं,क्या ?

हिन्दी चिट्ठेकारी के प्रति समर्पित तीन ’जनप्रिय लेखकों” को केन्द्र में रखकर काफ़ी लिखा जा रहा है। यह तीनों लम्बे समय से चिट्ठे लिखने में सातत्य बनाये हुए हैं ,जो इस माध्यम के लिए बहुत जरूरी है । ईस्वामी , चौपटस्वामी , काकेश , देबाशीष , ईपंडित , जीतेन्द्र
 
Aflatoon अफ़लातून
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पाकिस्तान का देशप्रेम, वो भी चुराया हुआ!!!

Youtube वेबसाईट के बारे में आप सब जानते होंगे। बड़ी अच्छी साईट है। कभी भी कोई भी गाना सुनना हो आराम से खोजें ओर बेफिक्र होकर सुने। ऐसे ही कई गाने, खासकर पुराने गाने सुनने का शौक़ीन हूँ। जब भी मन करता है Youtube पर जाता हूँ और गाने सुन भी लेता हूँ। एक रात
 
Aashu
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यशस्वी क्रान्तिकारी लेखक

यशस्वी लेखक यशपाल से कौन हिन्दी का सुधी पाठक परिचित न होगा। उनके बृहद् उपन्यास ‘झूठा सच’ से लेकर  ‘परदा’  तक के गद्य में जो जादुई भावोन्मेष की शक्ति है वह आलोचकों को समीक्षा के लिए ही नहीं अपितु साधारण पाठक को भी पुनर्पाठ के लिए लुभाती, उकसाती
 
कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee
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# Samundri Daku

Indrajal comics no.51,'Samundri Daku' was posted by me on mega Indrajal comics blog "Indrajal on line" on 2nd May.      But this was not an ordinary post where comic lovers can simply download comic,say formal thanks and forget
 
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बापीयॉटिक पोस्टों की दरकार है!

बापी ओडीसा जाने के बाद क्या कर रहा है? मैं सतीश पंचम जी से फॉलो-अप का अनुरोध करता हूं। बापी वाली पोस्ट एक महत्वपूर्ण पोस्ट है हिन्दी ब्लॉगिंग की – भाषा और विषय वस्तु में नया प्रयोग। यह बिना फॉलो-अप के नहीं जाना चाहिये। अगर आपने सतीश जी की उक्त पोस्ट नहीं
 
ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey
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कसाब हमारा मुजरिम है, सजा भी हम ही देंगे!

इधर फिर से कई दिनों से कोई पोस्ट अपने ब्लॉग पर नहीं लिख पाया। व्यस्तता के साथ-साथ उदासीनता भी एक कारण रही ब्लॉग पर न आने की। सच कहूं तो कोई ऐसा वाकया भी नहीं मिला जो मुझे कुछ सोचने और लिखने के प्रति मजबूर कर सके। डाक्टर बने हुए एक महीने पूरे हुए और इन एक
 
Aashu
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मनीकंट्रोल डॉट कॉम अब हिंदी में

CNBC18 ने CNBC आवाज के बाद अब मनीकंट्रोल डॉट कॉम को भी हिंदी में लॉंच किया है। मनीकंट्रोल डॉट कॉम आर्थिक समाचारों और शेयरों तथा म्यूचलफंडों के बारे में विस्तृत जानकारी का बहुत बड़ा स्रोत है। हिंदी की पाठकों के लिये भी अब यह सब उनकी अपनी भाषा में मिलेगा।
 
Jagdish Bhatia
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महानता से छूटा तो गंगा को भागा

महानता से पगहा तुड़ा गंगा तट पर भागा। देखा कि तट के पास वाली मुख्य धारा में पानी और कम हो गया है। अब तो एक कुक्कुर भी आधा तैरता और आधा पैदल चलता पार कर टापू पर पंहुच गया। पानी कम होने के साथ किनारे छोडती गंगा माई की गंदगी और झलकने लगी। आगे [...]
 
Gyandutt Pandey
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बाँटो प्यार...

कभी आँखों से छलका दो प्यार,कभी बातों से बतला दो प्यार... बुरी आदत है अश्कों से इश्कखुदी के बल पे अपना लो प्यार...शमा को जलने दो सारी रात,हमें तो बुझकर दिखला दो प्यार...नहीं मोहब्बत आसां है यार,सको तो बाँटो जितना हो प्यार...
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यहाँ न कोई ठौर होगा

आज यहाँ मुकाम है, कल कहीं और होगा !आने जाने का ज़माने में यूँ ही दौर होगा  !!कौन रुका है हमेशा के लिए मेरे दोस्त !न हुआ था यहाँ कभी न कोई ठौर होगा !!
 
Indranil Bhattacharjee ........."सैल"
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बड़ी देर तक

काफिला गुज़र गया, उडती रही धूल बड़ी देर तक !राह में उनके फिर भी पड़े रहे फूल बड़ी देर तक !!हमभी तडपे थे बहुत उनकी गफलतो बेवफाई पर !पछताए होंगे वो भी देख अपनी भूल बड़ी देर तक !!(Copyright reserved by: Indranil Bhattacharjee)
 
Indranil Bhattacharjee ........."सैल"
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कुछ और हिंदी वेब पते और उनके लिंक Hindi Sites and Links

हमने अपनी पिछली पोस्ट में कुछ हिंदी समाचार पत्रों और हिंदी पत्रिकाओं के लिंक दिये थे। आज कुछ और हिंदी के वेब पते और लिंक दे रहे हैं।
 
Jagdish Bhatia
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हिंदी वेब पते और उनके लिंक Hindi Sites and Links

आज पेश कर रहे हैं हिंदी के कुछ वेब पते और उनके लिंक। समाचार गूगल हिंदी समाचार बी बी सी हिंदी वेब दुनिया नवभारत टाइम्स जागरण याहू  प्रभासाक्षी भास्कर दैनिक हिंदुस्तान सिफी हिंदी राजस्थान पत्रिका नई दुनिया प्रभात खबर राष्ट्रीय  सहारा हरि भूमी अमर
 
Jagdish Bhatia
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बरह में हिंदी टाइपिंग कैसे करें How to type in Hindi with Baraha

बरह में हिंदी कैसे टाइप किया जाये इसे खोजते हुए बहुत से लोग आईना  पर आते हैं। खास कर यह पता नहीं चलता कि ’ज्ञ’ ’क्ष’ और ’ऋ’ कैसे टाइप किये जायें। आज आपको बताते हैं कि बरह में हिंदी टाइपिंग कैसे की जाती है। बरह भारतीय भाषाओं में टाइप करने का एक
 
Jagdish Bhatia
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लीक से हटकर 2

लीक से हटकर” स्तंभ के अंतर्गत हर पखवाड़े हम आपसे किसी विषय पर राय माँगते हैं और उसके आधार पर एक कलाईडोस्कोपिय रपट पॉडभारती में पेश करते हैं। “लीक से हटकर” का अगला सवाल है चिट्ठों यानि ब्लॉग्स के बारे में। चिट्ठे लोकप्रिय इसलिये हुये
 
podbharti@gmail.com (Debashish Chakrabarty and Sh
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प्रथम ब्लॉग!

कल जब मुझे पता चला कि ब्लॉगर में अब हम हिंदी में भी ब्लॉग कर सकते हैं तो मैंने फ़टाफ़ट अपने प्रतिदिन के ब्लॉग में हिंदी में एक ब्लॉग भी कर दिया। उसके बाद आज मैंने ये एक नया ब्लॉग पृष्ठ भी बना दिया। यह इतना सुविधाजनक है कि मैं तो बस आज इसी में लगा हुआ ह
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स्वार्थों के होते मेहमान-हिंदी शायरी

चेहरे पर है दिखावटी मुस्कान नहीं होता नीयत का भान बदन पर हैं जगमगाते वस्त्र धारण किए दिल में काली नियत लिए भरोसे के लिए निकल रहे हैं शब्द जुबान से निरंतर विश्वास और धोखे का मालुम नहीं अन्तर मन की आंखों से पढोगे जब उनको उनके शब्दों के अर्थों का अर्थ स
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न वित्तेन तर्पणीयो मनुष्य:

तब मुझे 1.8 लाख का पैकेज मिला था. आस पास के कई गाँवों में खबर फैली थी कि फलाने का बेटा साहब बन गया. एसी टू का किराया मिला था बैंगलोर जाने के लिए. और आज ये बिजनेस क्लास की सीट छोटी लग रही है ' करीब 10 साल पहले की बात याद करते हुए बगल की सीट पर बैठे मे
 
अभिषेक ओझा
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उन गलियों से गुजरना

पिछले दिनों ऑफिस के काम से एक यात्रा पर जाना हुआ. दिल्ली, कानपुर और बीच में लखनऊ. यूँ तो बहुत दिन नहीं हुए पर पता नहीं क्यों लगा कि एक अरसे बाद आना हुआ है इन गलियों में. थोड़ी भाग-दौड़ वाली यात्रा जरूर थी पर बड़ी रोचक और ज्ञानवर्धक रही . अब भाग-दौड़ क
 
अभिषेक ओझा
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गजलकार शायर जन्‍मे कवि रूप में

अभी दिलीप अंकल आए थे बहुत अच्‍छे गजलकार है मैंने उनसे कहा आप कविता लिखिए और दिलीप अंकल की आशु कविता, उन्‍होंने दा कविता मेरे लिए लिखी जिसका आप आनंद उठाएं। आज का दिन मेरे लिए अविस्‍मरणीय है क्‍यों आप इन कविताओं को पढ़ खुद समझ जाएंगे एक गजलकार एक उम्‍द
 
Aayush Blogger
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ओवरवैल्यूड शब्द

मसिजीवी का कमेण्ट महत्वपूर्ण है - टिप्‍पणी इस अर्थव्‍यवस्‍था की एक ओवरवैल्‍यूड कोमोडिटी हो गई है... कुछ करेक्‍शन होना चाहिए! ..नही? मैं उससे टेक-ऑफ करना चाहूंगा। शब्द ब्लॉगिंग-व्यवस्था में ओवर वैल्यूड कमॉडिटी है । इसका करेक्शन ही नहीं, बबल-बर्स्ट होन
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सुनो कहानी: हरिशंकर परसाई का व्यंग्य "खेती

सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की कहानी " ह्त्या की राजनीति " का पॉडकास्ट उन्हीं की आवाज़ में सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं हरिशंकर परसाई का लघु व्यंग्य " खे
 
Smart Indian - स्मार्ट इंडियन
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लेकॉनिक टिप्पणी का अभियोग

श्रीश पाठक “प्रखर” का अभियोग है कि मेरी टिप्पणी लेकॉनिक (laconic) होती हैं। पर मैं बहुधा यह सोचता रहता हूं कि काश अपने शब्द कम कर पाता! बहुत बार लगता है कि मौन शब्दों से ज्यादा सक्षम है और सार्थक भी। अगर आप अपने शब्द खोलें तो विचारों (और शब्दों) की ग
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अल्लामा इकबाल : बच्चों के लिए (३) : हमदर्दी

टहनी पे किसी शजर* की तनहा बुलबुल था कोई उदास बैठा कहता था की रात सर पे आई उड़ने चुगने में दिन गुज़ारा पहुँचूँ किसी तरह आशियाँ* तक हर चीज़ पे छा गया अन्धेरा सुनकर बुलबुल की आहो ज़ारी* जुगनू कोई पास ही से बोला हाज़िर हूँ मदद को जानो-दिल से कीड़ा हूँ अगरचे
 
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छिपा हुआ सत्य – राहुल कात्यायन

दोस्तों, मैं एक पेड हूँ. नीम का एक विशाल पेड़. कई साल से यहाँ खडा रहने के बावजूद एक लम्बा सफर तय कर चुका हूँ. सही, सही तो उम्र का पता नहीं लेकिन वो बूढा जो मेरी छाया मैं टूटी खाट पर लेटा है, उससे करीब दस साल छोटा हूँ. आज मौसम ठीक नहीं है. बहुत [...]
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